Keralam Election: बड़ी जीत की ओर UDF, LDF के हाथ से फिसलता दिख रहा वामपंथ का आखिरी किला

By अंकित सिंह | May 04, 2026

केरल विधानसभा चुनाव के शुरुआती रुझानों से पता चलता है कि सोमवार सुबह ईवीएम वोटों की गिनती तेज होने के साथ ही यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) को निर्णायक बढ़त मिल गई है। पहले घंटे के भीतर ही कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन ने बड़ी संख्या में सीटों पर बढ़त बना ली और अपने प्रतिद्वंद्वियों से काफी आगे निकल गया। शुरुआती रुझान यूडीएफ के पक्ष में मजबूत रुझान का संकेत देते हैं, जिससे निर्णायक जनादेश मिलने की संभावना बढ़ जाती है। मतगणना के और दौर जारी होने के साथ ही गठबंधन राज्य में सत्ता में वापसी की ओर मजबूती से अग्रसर दिख रहा है।

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चुनाव आयोग के रुझानों के अनुसार, यूडीएफ 86 सीटों पर और एलडीएफ 46 सीटों पर आगे चल रही है। सोमवार को केरल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए वोटों की गिनती आगे बढ़ने के साथ ही, कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के सांसद के सुरेश ने दावा किया कि उन्होंने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है और यूडीएफ के लिए निर्णायक जीत के प्रति विश्वास दोहराया। धर्मदम विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के उम्मीदवार पिनारयी विजयन पिछड़ रहे हैं। कांग्रेस के उम्मीदवार वीपी अब्दुल रशीद 2,812 वोटों से आगे चल रहे हैं।

केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि पार्टी कोई भी औपचारिक टिप्पणी करने से पहले चुनाव परिणामों का इंतजार करेगी, साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि मतदाता विपक्ष की विभाजनकारी और भ्रष्ट राजनीति को खारिज कर देंगे। टेलीविजन पर प्रसारित खबरों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) केवल एक सीट पर आगे है। यदि वाम मोर्चा केरल में हारता है, तो उसके पास देश का कोई भी ऐसा राज्य नहीं बचेगा, जहां वह सत्ता में हो। रुझानों में सत्तारूढ़ मोर्चे के कम से कम 12 मंत्री अपनी-अपनी सीट पर पीछे हैं। शुरुआती दौर में मुख्यमंत्री पिनराई विजयन कन्नूर जिले में अपने पारंपरिक गढ़ धर्मदम सीट पर पीछे हैं। 

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शुरुआती रुझानों के अनुसार वीणा जॉर्ज, एम. बी. राजेश, ओ. आर. केलू, आर. बिंदु, जे. चिंचुरानी, पी. राजीव, के. बी. गणेश कुमार, वी. एन. वासवन, वी. शिवनकुट्टी, वी. अब्दुरहीमन, के रामचंद्रन, ए. के. शशींद्रन और रोशी ऑगस्टीन पीछे हैं। टेलीविजन रिपोर्ट के अनुसार, एलडीएफ संयोजक टी. पी. रामकृष्णन भी कोझिकोड जिले की अपनी मौजूदा पेराम्ब्रा सीट पर पीछे थे। ऐसा प्रतीत होता है कि माकपा नीत सरकार के खिलाफ सत्ता-विरोधी लहर ने अहम भूमिका निभाई है। विजयन के नेतृत्व में यह सरकार लगातार दो कार्यकाल से सत्ता में थी।

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