सिराथू सीट पर फिर खिलेगा कमल या होगा बदलाव, केशव मौर्य पर है सफलता दोहराने की जिम्मेदारी

By अंकित सिंह | Feb 10, 2022

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर सरगर्मियां काफी तेज है। 7 चरणों में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए आज पहले चरण का मतदान भी हो रहा है। इन सब के बीच सबकी निगाहें हॉट सीटों पर टिकी हुई है जहां से दिग्गज अपना सियासी किस्मत आजमा रहे हैं। इन्हीं सीटों में से 1 सीट है सिराथू। उत्तर प्रदेश के कौशांबी जनपद में पड़ने वाली सिराथू सीट से भाजपा ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को चुनावी मैदान में उतारा है। देश के 51 शक्तिपीठों में से एक कड़ा का शीतला धाम सिराथू विधानसभा क्षेत्र में स्थित है जहां माता सती का हाथ गिरा था। इसका मतलब साफ है कि सिराथू का पौराणिक महत्व भी है और धार्मिक भी। हर साल आषाढ़ मास की सप्तमी और अष्टमी को यहां भव्य मेले का आयोजन होता है। 

इस जीत के बाद केशव प्रसाद मौर्य की लगातार तरक्की होती रही। 2014 में वह फूलपुर से सांसद चुने गए तो 2016 में उन्हें प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बनने का मौका मिल गया। उन्हीं के अध्यक्ष रहते हुए ही उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी और उन्हें उप मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला। 2014 के उपचुनाव में यहां समाजवादी पार्टी ने जीत हासिल की थी। हालांकि 2017 में यह सीट फिर से भाजपा के पास ही आ गई। इस बार भाजपा ने कहीं ना कहीं अपने दिग्गज उम्मीदवार को इस सीट पर उतारा है। 

 

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यह हैं प्रत्याशी

सिराथू में केशव प्रसाद मौर्य को काफी मजबूत प्रत्याशी माना जा रहा है। लेकिन समाजवादी पार्टी और अपना दल (के) गठबंधन ने जहां से पल्लवी पटेल को उम्मीदवार बनाया है। पल्लवी पटेल भाजपा की सहयोगी अनुप्रिया पटेल की बहन है। बहुजन समाज पार्टी ने पहले यहां संतोष त्रिपाठी को उम्मीदवार बनाया था लेकिन नामांकन के अंतिम दिन बदलाव करते हुए मुसब अली उस्मानी को मैदान में उतार दिया है। कांग्रेस ने सीमा देवी पर भरोसा जताया है। 

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