By अभिनय आकाश | Mar 07, 2026
ईरान मिडिल ईस्ट में बारूदी कोहराम मचाने के लिए किलर मिसाइलों और आत्मघाती ड्रोंस का इस्तेमाल कर रहा था। मगर बीते 24 घंटों से ईरानी सेना इजराइल समेत खाड़ी के कई मुल्कों को दहलाने के लिए क्लस्टर बम का इस्तेमाल कर रही है। यह हथियार युद्ध में वैसे तो बैन है। दुनिया के 120 से ज्यादा देशों ने विनाशक क्लस्टर बम को बैन कर रखा है क्योंकि क्लस्टर बम मिसाइल एक नरसंहार का हथियार है। एक मिसाइल रक्तबीज की तरह छोटे-छोटे घातक मिसाइलों में बदल जाती है और फिर मचाती है भयंकर तबाही। ऐसा विनाशक जिसका इस्तेमाल युद्ध में नाजायज, एक ऐसा विस्फोटक जिसे दुनिया के 120 से ज्यादा देशों ने बैन कर रखा है। एक ऐसा विधंस जिसके एक प्रहार से ही भीषण नरसंहार हो सकता है। उसी प्रलयकारी बम का इस्तेमाल ईरान कर रहा है।
इजराइल में बारूदी भूचाल लाने के लिए, क्लस्टर बमों से प्रचंड तबाही मचाने के लिए अपने सबसे विध्वंसक ब्रह्मास्त्र का इस्तेमाल कर रहा है ईरान जिसका नाम है हुर्रम शहर फोर मिसाइल। जो एक मीडियम रेंज बैलेस्टिक मिसाइल है। इसकी मारक क्षमता करीब 2000 किमी है। इस मिसाइल का कुल वजन 30 टन है। यह मार्क 16 की रफ्तार से अटैक करती है। यह मिसाइल 1500 किलो के वॉर हेड ले जा सकती है। हैरानी की बात यह है कि इजराइल को दहलाने के लिए ईरान उसी युद्ध नीति का इस्तेमाल कर रहा है जैसे 50 के दशक में अमेरिका ने वियतनाम के खिलाफ किया था। साल 1955 से 1975 के बीच वियतनाम युद्ध लड़ा गया था। यह जंग वियतनाम के ही दो हिस्सों में लड़ी गई थी। पहला नॉर्थ वियतनाम और दूसरा साउथ वियतनाम। अगस्त 1964 में अमेरिका साउथ वियतनाम के समर्थन में उतर और उसने नॉर्थ वियतनाम पर भीषण बमबारी शुरू कर दी।