By अंकित सिंह | Dec 13, 2022
अरुणाचल प्रदेश के तवांग में भारत और चीन के सेनाओं के बीच 9 दिसंबर को झड़प हो गई थी। इसको लेकर आज संसद में जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में अपना बयान दिया। लेकिन रक्षा मंत्री के बयान से विपक्षी दल संतुष्ट नहीं है। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने साफ तौर पर कहा है कि रक्षा मंत्री ने सिर्फ अपना बयान पढ़ा है और बाहर चले गए हैं। वह किसी स्पष्टीकरण या चर्चा के लिए तैयार नहीं थे। उन्होंने आगे कहा कि हमें सदन के नेता और राज्यसभा के उपसभापति ने कहा कि हमें स्पष्टीकरण का मौका दिया जाएगा लेकिन उन्होंने नहीं दिया और हमारी बात सुनने को तैयार नहीं थे। यह देश के लिए अच्छा नहीं है।
शाह ने कहा था कि अगर वे अनुमति देते तो मैं संसद में जवाब देता कि राजीव गांधी फाउंडेशन को 2005-2007 के वित्तीय काल में दौरान चीनी दूतावास से 1.35 करोड़ रुपये का अनुदान मिला, जो FCRA के अनुसार उचित नहीं था, इसलिए गृह मंत्रालय ने कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए इसका पंजीकरण रद्द किया। दूसरी ओर संसद में राजनाथ सिंह ने अपने बयान में कहा कि 09 दिसंबर 2022 को PLA गुट ने तवांग सेक्टर के यांग्त्से क्षेत्र में, LAC पर अतिक्रमण कर यथास्थिति को एकतरफा बदलने का प्रयास किया। चीन के इस प्रयास का हमारी सेना ने दृढ़ता के साथ सामना किया। इस झड़प में हाथापाई हुई। उन्होंने बताया कि भारतीय सेना ने बहादुरी से PLA को हमारे क्षेत्र में अतिक्रमण करने से रोका और उन्हें उनकी केंद्र पर वापस जाने के लिए मजबूर कर दिया। इस झड़प में दोनों ओर के कुछ सैनिकों को चोटें आईं।