मानसून में देरी से खरीफ बुवाई 23 प्रतिशत घटी, प्रमुख जलाशयों में क्षमता का केवल 26 प्रतिशत जल

By रेनू तिवारी | Jun 30, 2026

देश के कृषि क्षेत्र पर इस बार मौसम की दोहरी मार पड़ती दिख रही है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के देर से आगमन और उसकी धीमी प्रगति के कारण देश में धान सहित प्रमुख खरीफ फसलों की बुवाई में भारी कमी दर्ज की गई है। कृषि मंत्रालय द्वारा जारी ताजा आँकड़ों के अनुसार, जून के अंत तक देश में खरीफ फसलों की कुल बुवाई घटकर 182.72 लाख हेक्टेयर रह गई है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि (236.46 लाख हेक्टेयर) की तुलना में 23 प्रतिशत कम है।

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तिलहनों में मूंगफली का रकबा 15.29 लाख हेक्टेयर से घटकर 8.87 लाख हेक्टेयर और सोयाबीन का रकबा 19.97 लाख हेक्टेयर से घटकर 6.92 लाख हेक्टेयर रह गया। मोटे अनाज का रकबा भी 36.07 लाख हेक्टेयर से घटकर 31.84 लाख हेक्टेयर रह गया। उक्त अवधि में कपास की बुवाई 34.61 प्रतिशत घटकर 29.66 लाख हेक्टेयर रह गई, जबकि पिछले वर्ष यह 45.36 लाख हेक्टेयर थी। हालांकि, गन्ने का रकबा मामूली बढ़कर 57.31 लाख हेक्टेयर हो गया, जो पिछले वर्ष 56.64 लाख हेक्टेयर था। वहीं, पटसन और मेस्ता का रकबा भी बढ़कर 6.25 लाख हेक्टेयर हो गया, जबकि पिछले वर्ष यह 6.13 लाख हेक्टेयर था। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, खरीफ बुवाई के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण दक्षिण-पश्चिम मानसून 24 जून तक सामान्य से 42 प्रतिशत कम रहा।

मध्य भारत में 59 प्रतिशत, पूर्व एवं पूर्वोत्तर भारत में 41 प्रतिशत, दक्षिण प्रायद्वीप में 28 प्रतिशत तथा उत्तर-पश्चिम भारत में 22 प्रतिशत कम बारिश हुई। भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में अल नीनो की स्थिति बनी हुई है और जून से सितंबर के मानसून मौसम के दौरान इसके और मजबूत होने की संभावना है। जलाशयों का जलस्तर भी चिंता का विषय बना हुआ है।

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केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) की निगरानी वाले 166 प्रमुख जलाशयों में 25 जून तक कुल 48.405 अरब घन मीटर (बीसीएम) जल उपलब्ध था, जो उनकी पूर्ण भंडारण क्षमता (एफआरएल) का 26.37 प्रतिशत है। यह जल भंडारण पिछले वर्ष के स्तर का 73.21 प्रतिशत और सामान्य स्तर का 105.67 प्रतिशत है। इन 166 जलाशयों में से 111 में सामान्य भंडारण का 80 प्रतिशत से अधिक जल उपलब्ध था जबकि 55 जलाशयों में यह 80 प्रतिशत या उससे कम था। इनमें से 29 जलाशयों में सामान्य स्तर का 50 प्रतिशत या उससे भी कम जल भंडारण दर्ज किया गया।

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