खुदीराम बोस की पुण्यतिथि: जब एक किशोर क्रांतिकारी हाथ में गीता लिए फांसी के फंदे पर झूल गया

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 11, 2021

नयी दिल्ली। देश की आजादी की लड़ाई में कुछ नौजवानों का बलिदान इतना उद्वेलित करने वाला था कि उसने पूरे देश में स्वतंत्रता संग्राम का रूख बदलकर रख दिया। इनमें एक नाम खुदीराम बोस का है, जिन्हें 11 अगस्त 1908 को फांसी दे दी गई। उस समय उनकी उम्र महज 18 साल कुछ महीने थी। अंग्रेज सरकार उनकी निडरता और वीरता से इस कदर आतंकित थी कि उनकी कम उम्र के बावजूद उन्हें फांसी की सजा सुनाई गयी।

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