Spanish Grand Prix में Kimi Antonelli ने जीता खिताब, Lando Norris तीसरे स्थान पर रहे

By Ankit Jaiswal | Sep 14, 2026

रविवार को स्पेनिश ग्रांड प्रीक्स का नतीजा कुछ ऐसा रहा, जिसमें पोडियम पर खड़े तीनों ड्राइवरों को लगा कि उन्हें शायद किसी दूसरी जगह होना चाहिए था। किमी एंटोनेली ने जीत हासिल की और अपने शानदार सत्र की आठवीं जीत दर्ज की, लेकिन खुद उन्होंने माना कि असल में लैंडो नॉरिस जीत के हकदार थे। मैक्स वेरस्टैपेन भी दूसरे स्थान पर पहुंचकर खुश होने के बजाय यह सोचते रहे कि अगर शुरुआती घटनाक्रम अलग होता तो शायद नतीजा उनके पक्ष में हो सकता था।

लेकिन 14वें लैप के अंत में पूरी तस्वीर बदल गई। नॉरिस आखिरी मोड़ पार कर चुके थे और पिट में जाने वाले हिस्से से आगे निकल चुके थे, तभी रेस नियंत्रण ने वर्चुअल सेफ्टी कार लागू कर दी। लांस स्ट्रोल की एस्टन मार्टिन कार टर्न 20 के बाहर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी और उसे हटाने के लिए ट्रैक की गति सीमित कर दी गई।

इसका सबसे बड़ा फायदा एंटोनेली और वेरस्टैपेन को मिला। दोनों ने इसी दौरान टायर बदल लिए और कम समय गंवाया। नॉरिस भी पिट में जाने वाले थे, लेकिन तब तक वर्चुअल सेफ्टी कार खत्म हो चुकी थी और सामान्य रफ्तार से रेस शुरू हो गई। नॉरिस की टायर बदलने की प्रक्रिया भी करीब सात सेकंड चली। वह दोबारा ट्रैक पर लौटे तो पांचवें स्थान पर थे और एंटोनेली से 16 सेकंड पीछे हो चुके थे।

मैड्रिंग पर आगे निकलना बेहद मुश्किल साबित हुआ। ऐसे में नॉरिस के लिए जीत की लड़ाई में वापस आना लगभग असंभव हो गया। उन्होंने आखिरकार तीसरा स्थान हासिल किया, लेकिन रेडियो पर अपनी निराशा साफ जाहिर की। उनका कहना था कि उनकी कार सबसे तेज थी और टीम जीत की हकदार थी।

मैकलारेन के प्रमुख आंद्रेआ स्टेला ने भी इसे असाधारण बदकिस्मती बताया। उनके मुताबिक टीम ने नॉरिस को ट्रैक पर बनाए रखने के विकल्प पर विचार किया था, लेकिन इस्तेमाल किए जा चुके मध्यम टायरों के साथ नई कठोर टायर वाली कारों से मुकाबला करना मुश्किल होता। इसलिए पिट में जाना जरूरी था।

स्टेला ने यह भी माना कि टीम 14वें लैप के अंत में वर्चुअल सेफ्टी कार की संभावना भांपकर पहले ही नॉरिस को पिट में बुला सकती थी। हालांकि, ऐसा करना बड़ा जोखिम होता। सामान्य परिस्थितियों में पिट में जाने पर करीब 27 सेकंड का नुकसान हो सकता था। इसलिए केवल अनुमान के आधार पर रणनीति बदलना जीत को खुद खतरे में डाल सकता था।

नॉरिस ने बाद में नियमों में बदलाव की जरूरत की बात कही। उनका कहना था कि वर्चुअल सेफ्टी कार कम से कम एक पूरे लैप तक रहनी चाहिए, ताकि सभी ड्राइवरों को समान मौका मिले। उनके मुताबिक इस घटना में सिर्फ उनकी ट्रैक स्थिति और वर्चुअल सेफ्टी कार के समय ने उन्हें करीब 20 सेकंड का नुकसान करा दिया।

दूसरी ओर, वेरस्टैपेन की कहानी भी कुछ अलग नहीं थी। रफ्तार के मामले में रेड बुल की कार मैकलेरन और मर्सिडीज से पीछे थी, लेकिन शुरुआती लैप में वह नॉरिस के ठीक पीछे आ गए थे। पहले मोड़ पर लुईस हैमिल्टन से तीसरे स्थान के लिए बचाव करते समय वेरस्टैपेन ट्रैक से बाहर चले गए। उनका कहना था कि अगर वह ट्रैक पर रहते तो दोनों कारों की टक्कर हो सकती थी।

रेस अधिकारियों ने हालांकि उन्हें हैमिल्टन से हासिल स्थान वापस करने का निर्देश दिया। इस बीच एंटोनेली ने नॉरिस को पार करने की कोशिश की, लेकिन चक्कर काटते हुए उनकी कार की गति कम हुई और वेरस्टैपेन आगे निकल गए। बाद में हैमिल्टन ब्रेक की समस्या के कारण रेस से बाहर हो गए। वेरस्टैपेन ने दूसरे स्थान पर रेस खत्म की और सात में पांचवीं बार पोडियम पर पहुंचे।

गौरतलब है कि मैड्रिंग की सबसे बड़ी समस्या सिर्फ रणनीति नहीं, बल्कि सर्किट पर आगे निकलने के बेहद कम मौके भी रहे। रेस से पहले ही ड्राइवरों ने ट्रैक की बनावट को लेकर चिंता जताई थी। टर्न 1 और टर्न 5 को संभावित ओवरटेकिंग क्षेत्र माना जा रहा था, लेकिन दोनों जगह बचाव करना इतना आसान रहा कि वास्तविक मुकाबले के मौके बहुत कम बने।

एंटोनेली ने भी माना कि एक लैप के लिए यह सर्किट अच्छा महसूस होता है, लेकिन रेस के दौरान कारें एक-दूसरे के पीछे फंस जाती हैं। उनके मुताबिक कुछ मोड़ों में बदलाव करके आगे निकलने के ज्यादा अवसर बनाए जा सकते हैं।

नॉरिस ने टर्न 18 और 19 हटाकर उस हिस्से को लंबा सीधा रास्ता बनाने और आगे एक बड़े हेयरपिन मोड़ का सुझाव दिया। उन्होंने अमेरिका के ऑस्टिन सर्किट के कुछ हिस्सों का उदाहरण देते हुए कहा कि चौड़ा प्रवेश और तेज ब्रेकिंग वाला मोड़ मुकाबले को बेहतर बना सकता है। उनके मुताबिक टर्न 5, 6 और 7 में भी बदलाव की गुंजाइश है।

बता दें कि नए मैड्रिंग सर्किट से फॉर्मूला वन को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन पहली रेस के बाद विजेता सहित शीर्ष तीनों ड्राइवर पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आए। एंटोनेली की जीत शानदार जरूर रही, लेकिन नॉरिस की रणनीतिक बदकिस्मती, वेरस्टैपेन की शुरुआती उलझन और सर्किट पर ओवरटेकिंग की कमी ने इस मुकाबले को अपेक्षा से कहीं ज्यादा विवाद और सवालों वाली रेस बना दिया।

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