भारत के प्रसिद्ध शहरों के यह हैं प्राचीन नाम, जानिए इनके बारे में

By मिताली जैन | Jan 22, 2021

भारत एक समृद्ध इतिहास और विरासत वाला देश है। यह दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक है, और इसके पूरे इतिहास में कई राजवंशों और राज्यों द्वारा शासन किया गया है। खुद में एक समृद्ध इतिहास को समेटे हुए इन शहरों में समय के साथ काफी बदलाव आया। यहां तक कि इनके नाम भी बदल गए। तो चलिए आज हम आपको भारत के कुछ प्रसिद्ध शहरों के प्राचीन नामों के बारे में बता रहे हैं−

तीन सहस्राब्दियों तक फैले एक इतिहास के साथ पटना भारत का एक बेहद प्रसिद्ध शहर है, जिसे पहले पाटलीपुत्र के नाम से जाना जाता था। पटना मौर्य के शक्तिशाली साम्राज्य का केंद्र, नालंदा और विक्रमशिला के प्राचीन विश्वविद्यालयों के साथ प्राचीन काल में ज्ञान का केंद्र था। यह उस युग के कुछ महान व्यक्ति जैसे भारत की गणितीय प्रतिभा आर्यभट्ट और चाणक्य यहीं से संबंधित थे। पड्रे की हवेली, गोलघर और पटना संग्रहालय पटना के शानदार इतिहास को दर्शाते हैं।

वाराणसी−बनारस

वाराणसी जिसे आज के समय में सिटी ऑफ लाइट्स भी कहा जाता है, इसका प्राचीन नाम बनारस था। वाराणसी दुनिया के सबसे पुराने लगातार बसे शहरों में से एक है। ऐसा माना जाता है कि इसका इतिहास 3000 साल से भी पुराना है। यहां का आदरणीय विश्वनाथ और संकट मोचन मंदिर, दुर्गा मंदिर अपने बंदरों के झुंड के लिए प्रसिद्ध है, औरंगज़ेब की महान मस्जिद, और बनारस विश्वविद्यालय वाराणसी के असंख्य खजानों में से हैं। मार्क ट्वेन की ये कुछ पंक्तियाँ वाराणसी के समृद्ध इतिहास की ओर इशारा करती हैं, उन्होंने लिखा है− "बनारस इतिहास से भी पुराना है, परंपरा से भी पुराना है, किवदंती से भी पुराना है और यह जितना पुराना दिखता है उतना ही पुराना है।"

इसे भी पढ़ें: ओडिशा में मौजूद हैं भारत की यह खूबसूरत झीलें

दिल्ली−इन्द्रप्रस्थ

दिल्ली, भारत की राजधानी की एक मजबूत ऐतिहासिक पृष्ठभूमि है। यह भारतीय इतिहास के कुछ सबसे शक्तिशाली सम्राटों द्वारा शासित था। शहर का इतिहास महाकाव्य महाभारत जितना पुराना है। यह नगर इंद्रप्रस्थ के नाम से जाना जाता था, जहाँ पांडव निवास करते थे। कुछ ही समय में आठ और शहर इंद्रप्रस्थ से सटे हुए आ गए, जिसमें लाल कोट, सिरी, दीनपनाह, क्विला राय पिथौरा, फिरोजाबाद, जहाँपना, तुगलकाबाद और शाहजहानाबाद शामिल थे। दिल्ली पांच सदियों से राजनीतिक उथल−पुथल का गवाह रही है। यह मुगलों द्वारा खिलजी और तुगलक के उत्तराधिकार में शासन किया गया था। हालांकि बाद में देश की राजधानी का नाम दिल्ली कैसे पड़ा, इसके बारे में एक मत नहीं है। माना गया है कि यह एक प्राचीन राजा "ढिल्लु" से सम्बन्धित है। कुछ इतिहासकारों का यह मानना है कि यह देहलीज़ का एक विकृत रूप है, जिसका हिन्दुस्तानी में अर्थ होता है 'चौखट', जो कि इस नगर के सम्भवतः सिन्धु−गंगा समभूमि के प्रवेश−द्वार होने का सूचक है।

मिताली जैन

प्रमुख खबरें

Delhi Police ने 2021 के मर्डर केस में भगोड़ा हरीश उर्फ पिलुआ पकड़ा

न्यूयॉर्क में ICE अधिकारियों की कार्रवाई, कार से टक्कर मारने वाले व्यक्ति पर चलाई गोली

Lilavati Hospital Trust वित्तीय धोखाधड़ी मामला: Mumbai Sessions Court ने FIR के आदेश को सही ठहराया

Ranchi T20: Shai Hope के नाबाद शतक से जीता West Indies, सीरीज 1-1 से बराबर