By अंकित सिंह | Jul 26, 2022
कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन इस बार 28 जुलाई से लेकर 8 अगस्त के बीच बर्मिंघम में हो रहा है। कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए खिलाड़ी जबरदस्त तरीके से अपनी तैयारी कर रहे हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल जीतना हर खिलाड़ी का सपना होता है। कॉमनवेल्थ गेम में खिलाड़ी 19 खेलो में पदक जीतने के लिए दम लगाएंगे। कॉमनवेल्थ गेम्स के पदक की विशेषताएं भी होती है। इन पदकों को खास रूप से तैयार किया जाता है। पदक जीतने के बाद खिलाड़ी फुले नहीं समाते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि कॉमनवेल्थ 2022 के लिए इस बार पदक को किसने डिजाइन किया है और इसकी खासियत क्या है? चलिए आज हम आपको इसी बारे में बताते हैं।
एम्बर एलिस ने बताया कि उनके लिए मेडल बनाने का अनुभव अविश्वसनीय रहा है। उन्होंने कहा कि हम आभूषण की तरह दिखने वाला पदक बनाना चाहते थे ताकि वह खिलाड़ियों के पास आजीवन रहे और उन्हें वे संभाल कर रख सकें। इसके साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई है कि एथलीटों को मेडल पसंद आएंगे। यहां यह जानना भी जरूरी है कि इनमें मेडलों पर मेजबान देश के सड़क और नहर के नेटवर्क के हवाई मानचित्र से मिलता जुलता है जिन्हें खिलाड़ी राष्ट्रमंडल खेलों में अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए तय करते हैं। जिन बॉक्स में मेडल को रखा गया है उन पर मेजबान क्षेत्र के हवाई नक्शे का भी डिजाइन को उतारा गया है। आपको बता दें कि कॉमनवेल्थ गेम में 283 पदक इवेंट्स होंगे। इनके लिए विभिन्न श्रेणियों के 1875 पदकों को तैयार किया गया है।
सबसे खास बात यह है कि राष्ट्रमंडल खेलों में यह पहली बार हो रहा है जब पुरुषों की तुलना में महिलाओं के लिए अधिक पदक स्पर्धा में होंगे। किसी भी खेल में तीन तरह के पदक दिए जाते हैं। विजेता को स्वर्ण, दूसरे नंबर के विजेता को रजत और तीसरे नंबर की विजेता को कांस्य पदक मिलता है। इस बार के राष्ट्रमंडल खेलों में मिलने वाले स्वर्ण और रजत पदक का वजन करीब 150 ग्राम होगा। वही कांस्य पदक को 130 ग्राम रखा गया है। पदकों का व्यास 63 मिली मीटर की है जबकि लंबाई 74.3 मिलीमीटर है। इन पदकों को बर्मिंघम स्थित एक परिवार के स्वामित्व वाली कंपनी ने तैयार किया है।