By मिताली जैन | Apr 20, 2025
पिछले कुछ समय में लोगों की अपनी सेहत को लेकर सोच बदलने लगी है और शायद यही वजह है कि अब लोग हेल्दी रहने के लिए तरह-तरह की डाइट्स को फॉलो करने लगे हैं। इन्हीं में से एक ग्लूटेन फ्री डाइट। आज के समय में लोग अपना वजन कम करने और एक ज्यादा हेल्दी लाइफ जीने के लिए अपनी डाइट में से ग्लूटेन को बाहर कर देते हैं। हो सकता है कि आपको भी बिल्कुल भी ऐसा ही लगता हो। लेकिन क्या आप सच में ग्लूटेन के बारे में बेहतर तरीके से जानते हैं।
मिथक 1- ग्लूटेन-फ्री डाइट का मतलब है हेल्दी खाना
सच्चाई- अक्सर लोग ग्लूटेन फ्री डाइट लेना पसंद करते हैं और उन्हें लगता है कि ग्लूटेन फ्री आइटम्स हेल्दी होती हैं। लेकिन कोई चीज़ सिर्फ इसलिए हेल्दी नहीं हो जाती क्योंकि वो ग्लूटेन-फ्री है। आपको यह समझना चाहिए कि ग्लूटेन-फ्री ब्राउनी, आखिर में ब्राउनी ही होती है। कई बार तो ऐसे पैकेज्ड ग्लूटेन-फ्री फूड्स में ज़्यादा शुगर, खराब फैट्स या एक्स्ट्रा स्टार्च मिला होता है ताकि ग्लूटेन की कमी पूरी हो सके। अगर आपको ग्लूटेन से एलर्जी नहीं है, तो बिना वजह इसे छोड़ना ज़रूरी नहीं है।
मिथक 2- ग्लूटेन-फ्री डाइट से वज़न घटता है।
सच्चाई- आमतौर पर लोग यह सोचते हैं कि वेट लॉस के लिए ग्लूटेन फ्री डाइट लेना अच्छा रहता है। लेकिन आपके यह समझना चाहिए कि वज़न घटाना ग्लूटेन पर नहीं, बल्कि आपकी डाइट और कैलोरी इनटेक पर निर्भर करता है। कई बार कुछ लोग इसलिए वज़न घटा लेते हैं क्योंकि वो केक, कुकीज़, पिज्जा जैसे प्रोसेस्ड फूड्स छोड़ देते हैं। लेकिन अगर आप ये सोचकर ज़्यादा ग्लूटेन-फ्री स्नैक्स खा रहे हो कि ये सुरक्षित हैं, तो इससे आपका वज़न बढ़ भी सकता है।
मिथ 3- ग्लूटेन-फ्री का मतलब होता है कार्ब-फ्री
सच्चाई- अगर आप यह सोचते हैं कि ग्लूटेन-फ्री का मतलब होता है कार्ब-फ्री, तो आप पूरी तरह से गलत हैं। ग्लूटेन-फ्री खाने में भी कार्ब्स हो सकते हैं। जैसे चावल, आलू, कॉर्न, और ग्लूटेन-फ्री ब्रेड या पास्ता आदि में ग्लूटन नहीं है, लेकिन कार्ब्स भरपूर होते हैं। तो अगर आप ग्लूटेन छोड़कर कार्ब कम करने की सोच रहे हैं, तो ऐसा नहीं होगा।
- मिताली जैन