By दिव्यांशी भदौरिया | Aug 13, 2024
सावन का महीना चल रहा है और रक्षाबंधन के पावन त्योहार के साथ इसका समापन होगा। हर साल सावन की पूर्णिमा को यह पावन त्योहार मनाया जाता है। इस साल यह 19 अगस्त, सोमवार को है। यह त्योहार भाई-बहन के रिश्ते के लिए खास महत्व रखता है। इस खास दिन पर बहनें पवित्र धागा बांधती हैं, जिसे राखी के नाम से जाना जाता है। गौरतलब है कि राखी बांधने से पहले बहनें अपने भाई के माथे पर तिलक लगाती हैं। जागरूकता की कमी के कारण कई बहनें गलत तरीके से तिलक लगाती हैं। तिलक लगाते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी है, जिसमें किस उंगली से तिलक लगाना है। आइए भोपाल के ज्योतिषाचार्य पंडित योगेश चौरे से जानते हैं तिलक से जुड़ी कुछ खास बातें।
ज्योतिषाचार्य के अनुसार भाई के माथे पर तिलक लगाते समय सबसे महत्वपूर्ण बात जो ध्यान में रखने की जरूरत है, वह है उंगलियों का चयन। अगर भाई बहन से बड़ा है, तो उसे अनामिका उंगली से तिलक लगाना चाहिए, जो छोटी उंगली के बगल वाली उंगली है, जिसमें पारंपरिक रूप से सगाई की अंगूठी पहनी जाती है। वहीं अगर भाई छोटा है और बहन बड़ी है, तो अंगूठे से तिलक लगाना चाहिए।
तिलक के लिए सही उंगली का उपयोग करने का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रक्षाबंधन के अवसर पर जब बहनें अपने भाई को सही उंगली से तिलक लगाती हैं, तो इसका भाई के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। ज्योतिषी ने बताया कि जब छोटी बहन अपनी अनामिका उंगली से तिलक लगाती है, तो इससे भाई के जीवन में सुख-समृद्धि आती है। वहीं, जब बड़ी बहन सही उंगली से तिलक लगाती है, तो इससे भाई के जीवन में तरक्की आती है।
इसके अलावा, ध्यान रखें कि तिलक सीधी रेखा में लगाया जाए, टेढ़ा-मेढ़ा नहीं। तिलक लगाने के बाद उस पर चावल के दाने भी रखने चाहिए, क्योंकि इसके बिना तिलक अधूरा माना जाता है।