जल्दी वजन कम करना भी सेहत के लिए हो सकता है नुकसानदायक, जानिए कैसे

By मिताली जैन | Sep 21, 2019

आज के समय में अधिकतर लोग अपने बढ़े हुए वजन के कारण परेशान है और जल्द से जल्द वजन कम करना चाहते हैं। आपको मार्केट में ऐसे कई विज्ञापन देखने को मिल जाएंगे, जो महीने भर में ही आठ से दस किलो वजन कम करवाने का दावा करते हैं। सुनने में यह भले ही अच्छा लगता हो और आप भी मन ही मन जल्द से जल्द वजन कम करने की चाहत रखते हो, लेकिन वास्तव में यह आपकी सेहत के लिए बिल्कुल भी अच्छा नहीं है। महीने में तीन से चार किलो तक वजन कम करना ठीक है, लेकिन अगर आप उससे अधिक वजन कम करने के बारे में सोच रहे हैं तो असल में आप अपनी सेहत को नुकसान पहुंचा रहे हैं। तो चलिए जानते हैं जल्दी वजन कम करने से होने वाले कुछ नुकसानों के बारे में−

पोषक तत्वों की कमी

जल्दी वजन कम करने के चक्कर में अधिकतर लोग कई तरह की डाइट का सहारा लेते हैं। इन डाइट को कुछ इस तरह तैयार किया जाता है, जिसके कारण आपके शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्व, विटामिन व मिनरल्स आदि भी आपको मिल नहीं पाते। अगर यह लंबे समय तक चलता है तो इससे आप कुपोषण के शिकार हो सकते हैं और आपको थकान, ऊर्जा में कमी, अनीमिया, कब्ज आदि कई तरह की परेशानियां शुरू हो जाएंगी।

इसे भी पढ़ें: डेंगू के इस मौसम में बच कर रहें, जानिये बीमारी के लक्षण और बचाव के उपाय

स्लो होता मेटाबॉलिज्म

जब आप काफी तेजी से वेट लॉस करते हैं तो सबसे पहले आपको अपनी कैलोरी में बहुत अधिक कटौती करनी होती है। कुछ लोग सामान्य से आधे से भी कम कैलोरी का सेवन करने लगते हैं, जिसके कारण उनका शरीर स्टार्वेशन मोड में चला जाता है। इस स्थित मिें मेटाबॉलिज्म काफी स्लो हो जाता है। इसलिए अगर आप वजन कम करना चाहते हैं तो अपने आहार में 500 कैलोरी से अधिक की कटौती न करें।

इसे भी पढ़ें: एयरकंडीशनर का अधिक इस्तेमाल करने से होने वाले इन नुकसानों से अनजान होंगे आप

मसल लॉस

जब लोगों का वजन तेजी से कम होता है, तो उन्हें काफी अच्छा लगता है। लेकिन रैपिड वेट लॉस करते समय आप अपने शरीर से फैट को बाहर नहीं निकालते, बल्कि इससे मसल लॉस होता है। दरअसल, रेपिड वेट लॉस डाइट अक्सर शरीर को एनर्जी देने के लिए मसल्स का इस्तेमाल करती हैं, जिसके कारण उन्हें काफी नुकसान पहुंचता है।

मिताली जैन

प्रमुख खबरें

Prabhasakshi NewsRoom: Paper Leak जैसी बड़ी समस्या बन चुका है Data Leak, अब DRDO का संवेदनशील डाटा Dark Web पर आया!

29 जुलाई 2026 को Guru Purnima: स्नान से लेकर संकल्प तक, जानें Step-by-Step गुरु पूजन विधि

मौलाना अली जौहर ट्रस्ट मामला: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बाहरी व्यक्ति की रिट याचिका पर विचार करने से किया इनकार

अमेरिका में नया नियम लागू, अब कुछ श्रेणी के शरणार्थियों को सीधे आव्रजन अदालतों में भेजा जाएगा