By अभिनय आकाश | Apr 29, 2025
कनाडा में हुए वक्त से पहले चुनाव के बाद वोटों की गिनती का दिन आज रहा। देश की आवाम ने नया प्रधानमंत्री चुन लिया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कनाडा के अमेरिका में विलय की धमकियों और व्यापार युद्ध ने लिबरल पार्टी की इस जीत में अहम भूमिका निभाई। देश के राष्ट्रीय सार्वजनिक प्रसारक ‘कैनेडियन ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन’ ने शुरुआती रुझानों के आधार पर अनुमान जताया कि लिबरल पार्टी संसद की 343 सीट में से कंजर्वेटिव पार्टी से ज्यादा सीट जीतेगी। चुनावी विश्लेषकों के अनुसार, शुरुआत में कनाडा में माहौल लिबरल पार्टी के समर्थन में नहीं दिख रहा था लेकिन ट्रंप ने कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की कई बार बात की और उसके तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को कनाडा का गवर्नर संबोधित किया। उन्होंने कनाडा पर जवाबी शुल्क भी लगाए। ट्रंप के इन कदमों से कनाडा की जनता में आक्रोश बढ़ गया और राष्ट्रवाद की भावना प्रबल होने के कारण लिबरल पार्टी को जीतने में मदद मिली।
ट्रम्प किसको जीतना चाहते थे?
कनाडा के अगले प्रधानमंत्री सीबीसी द्वारा लिबरल्स के मार्क कार्नी को चुना गया। उनके सामने आने वाली प्रमुख चुनौतियों में से एक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ संबंधों को संभालना होगा। तो, कनाडा के चुनाव परिणाम पर ट्रम्प का क्या रुख है? सीबीसी द्वारा लिबरल की जीत का अनुमान लगाए जाने के बाद से राष्ट्रपति चुप रहे हैं। हालांकि, पिछले महीने फॉक्स न्यूज के साथ एक साक्षात्कार में, ट्रम्प ने कहा, "मैं कंजर्वेटिव की तुलना में लिबरल के साथ काम करना पसंद करूंगा" और कहा, "मुझे लगता है कि लिबरल के साथ काम करना वास्तव में आसान है।" बीबीसी के अनुसार, उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि उन्हें इस बात की परवाह नहीं है कि कौन जीतता है।