By मिताली जैन | May 11, 2025
नाश्ते को दिन का पहला मील कहा जाता है और इसलिए आप जो भी खाते हैं, उसका सीधा असर आपकी सेहत पर पड़ता है। यही वजह है कि हर किसी को हेल्दी ब्रेकफास्ट करने की सलाह दी जाती है। अमूमन लोग ओट्स को एक हेल्दी नाश्ता मानते हैं। यह कहा जाता है कि ओट्स को वज़न कम करने के लिए काफी अच्छा कहा जाता है। कई बार लोग रोज ही ओट्स खाना शुरू कर देते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि हर दिन ओट्स खाना उतना भी अच्छा ऑप्शन नहीं माना जाता है।
मील हो जाता है बोरिंग
अगर हम रोज़ एक ही चीज़ खाते हैं, चाहे वो कितनी भी हेल्दी हो, तो शरीर उसमें से सिर्फ कुछ ही पोषक तत्व ले पाता है। साथ ही, हर दिन एक जैसा स्वाद मिलने की वजह से तरह-तरह की फूड क्रेविंग्स बढ़ने लगती हैं। ऐसे में कुछ टेस्टी मतलब तला-भुना या मीठा खाने का मन करता है। इससे कहीं ना कहीं आप अपने गोल्स से भटकने लगते हैं।
फाइटिक एसिड से होता है नुकसान
ओट्स में फाइटिक एसिड मौजूद होता है, जो शरीर में आयरन, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे ज़रूरी मिनरल्स को पूरी तरह से अब्जॉर्ब नहीं होने देता। इसलिए, अगर आपको पहले से ही कमजोरी या आयरन की कमी रहती है, तो रोज़ ओट्स खाने से आपकी समस्या बिगड़ सकती है।
प्रोटीन की कमी
आपका नाश्ता ऐसा होना चाहिए, जिसमें मैक्रो न्यूट्रिएंट्स बैलेंस हों। लेकिन ओट्स में प्रोटीन बहुत कम होता है। अगर आप बिना अंडा, पनीर, सीड्स या प्रोटीन पाउडर के ओट्स खा रहे हो, तो ऐसे में आपको नाश्ते में प्रोटीन मिल ही नहीं रहा। इससे होता ये है कि दो घंटे में फिर से भूख लग जाती है और एनर्जी भी लो हो जाती है।
- मिताली जैन