By Ankit Jaiswal | Jun 17, 2026
विश्व कप के शुरुआती मुकाबलों में जहां कई टीमों ने अपनी ताकत दिखाई, वहीं फ्रांस ने भी अपने अभियान की शुरुआत जीत के साथ करते हुए खिताब की दावेदारी मजबूत कर दी है। न्यू जर्सी के ईस्ट रदरफोर्ड में खेले गए समूह चरण के मुकाबले में फ्रांस ने सेनेगल को 3-1 से हराया। इस जीत के सबसे बड़े नायक स्टार खिलाड़ी किलियन एम्बाप्पे रहे, जिन्होंने दो गोल कर न सिर्फ टीम को जीत दिलाई बल्कि कई बड़े रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिए।
हालांकि मुकाबले का पहला हाफ फ्रांस के लिए आसान नहीं रहा। सेनेगल ने शानदार खेल दिखाते हुए फ्रांस पर दबाव बनाए रखा। मौजूद जानकारी के अनुसार, पहले हाफ में सेनेगल ने फ्रांस की तुलना में अधिक आक्रमण किए और कई अवसर भी बनाए। सेनेगल के खिलाड़ी निकोलस जैक्सन का एक शक्तिशाली प्रयास गोलपोस्ट से टकराकर बाहर चला गया, जिससे फ्रांस को बड़ी राहत मिली।
पहले हाफ में गोलरहित बराबरी रहने के बाद फ्रांस ने दूसरे हाफ में अपना स्तर ऊंचा किया। मैच के 60वें मिनट के बाद माइकल ओलिसे ने शानदार पास दिया, जिसे किलियन एम्बाप्पे ने गोल में बदलकर फ्रांस को बढ़त दिला दी। इसके बाद फ्रांस का आत्मविश्वास बढ़ गया और टीम ने लगातार दबाव बनाना शुरू कर दिया है।
मैच के 79वें मिनट में स्थानापन्न खिलाड़ी ब्रैडली बारकोला ने दूसरा गोल कर फ्रांस की बढ़त दोगुनी कर दी। उन्होंने सेनेगल के गोलकीपर एडुआर्ड मेंडी के ऊपर से गेंद को शानदार अंदाज में गोल में पहुंचाया। इसके बाद इब्राहिम म्बाये ने सेनेगल के लिए एक गोल कर अंतर कम करने की कोशिश की, लेकिन वापसी संभव नहीं हो सकी है।
मुकाबले के अतिरिक्त समय में एम्बाप्पे ने ऐसा गोल किया जिसने पूरे स्टेडियम को रोमांचित कर दिया। उन्होंने गेंद को लेकर कई खिलाड़ियों को छकाया और लगभग 30 गज की दूरी से जोरदार शॉट लगाकर गेंद को गोलपोस्ट के ऊपरी कोने में पहुंचा दिया। इसे अब तक टूर्नामेंट के सबसे शानदार गोलों में गिना जा रहा है।
बता दें कि इस दोहरे गोल के साथ एम्बाप्पे ने फ्रांस के लिए अपने कुल गोलों की संख्या 58 तक पहुंचा दी है। इसके साथ ही उन्होंने ओलिवियर गिरू को पीछे छोड़ते हुए फ्रांस के इतिहास में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।
विश्व कप इतिहास में भी एम्बाप्पे ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उनके अब 14 विश्व कप गोल हो चुके हैं और वह पश्चिम जर्मनी के महान खिलाड़ी गर्ड मुलर की बराबरी पर पहुंच गए हैं। उनसे आगे केवल लियोनेल मेसी और मिरोस्लाव क्लोजे हैं, जिनके नाम 16-16 गोल दर्ज हैं।
मैच के बाद एम्बाप्पे ने कहा कि वह अपने देश के इतिहास में योगदान देकर बेहद खुश हैं, लेकिन उनका मुख्य लक्ष्य टीम को फाइनल तक पहुंचाना और विश्व कप जीतना है। वहीं फ्रांस के मुख्य कोच डिडिएर डेशां ने माना कि पहले हाफ में उनकी टीम अच्छा नहीं खेली, लेकिन दूसरे हाफ में खिलाड़ियों ने शानदार वापसी की है।
इस जीत के साथ फ्रांस ने टूर्नामेंट में मजबूत शुरुआत कर ली है। अब उसकी नजर अगले मुकाबलों में भी इसी लय को बनाए रखने पर टिकी हुई हैं।