Lal bahadur Shastri Death Anniversary: अपनी सादगी और साफ-सुथरी छवि के लिए जाने जाते थे लाल बहादुर शास्त्री

By अनन्या मिश्रा | Jan 11, 2024

आज ही के दिन यानी की 11 जनवरी को देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का निधन हो गया था। लाल बहादुर शास्त्री ने 'जय किसान, जय जवान' का नारा दिया था। शास्त्री अपने सादगीपूर्ण जीवन और साफ-सुथरी छवि के लिए जाने जाते थे। आपको बता दें कि आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरु के निधन के बाद लाल बहादुर शास्त्री देश के प्रधानमंत्री बने थे। आइए जानते हैं उनकी डेथ एनिवर्सरी कि मौके पर लाल बहादुर शास्त्री के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...

उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में 2 अक्तूबर 1904 को लाल बहादुर शास्त्री का जन्म हुआ था। उन्होंने काशी विद्यापीठ से अपनी शिक्षा पूरी की। फिर साल 1928 में उनका विवाह ललिता से हुआ। लाल बहादुर शास्त्री और ललिता के 6 बच्चे थे। जिनमें 4  बेटे और 2 बेटियां थीं। 

नमक सत्याग्रह

आपको बता दें कि साल 1930 में लाल बहादुर शास्त्री 'नमक सत्याग्रह' के कारण ढाई तक जेल में रहे। वहीं स्वतंत्रता आंदोलन की वजह से उनको एक साल जेल की सजा हुई। वहीं साल 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान शास्त्री को चार साल तक जेल में रहना पड़ा था। फिर साल 1946 में वह जेल से बाहर आए। आजादी की लड़ाई के दौरान लाल बहादुर शास्त्री 9 बार जेल गए।

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ऐसे बनें देश के प्रधानमंत्री

देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरु के बाद शास्त्री देश के दूसरे प्रधानमंत्री बनें। उन्होंने किसानों का प्रोत्साहित करने के लिए 'जय जवान, जय किसान' का नारा दिया था। हांलाकि पंडित नेहरु की मृत्यु के बाद मोरारजी देसाई और लाल बहादुर शास्त्री का नाम पीएम पद की दौड़ में सबसे आगे था। वहीं देश का अगला प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को चुना गया। शास्त्री ने अपने कार्यकाल के दौरान भारत की विकास यात्रा को आगे बढ़ाने का काम किया।

कई चुनौतियां की पार

जब लाल बहादुर शास्त्री प्रधानमंत्री बनें, तो भारत देश में अनाज की सबसे बड़ी चुनौती थी। उस दौरान देश खाने की चीजों के लिए अमेरिका पर निर्भर था। पीएम के तौर पर उन्होंने अपनी कॉन्फ्रेंस में कहा था कि बतौर पीएम उनकी पहली प्राथमिकता खाद्यान्न मूल्यों को बढ़ने से रोकना है। वहीं इसी बीच साल 1965 में भारत पर पाकिस्तान ने हमला बोल दिया।

एक समय भूखे रहने का संकल्प

भारत-पाकिस्तान के युद्ध के दौरान देश अनाज की भारी कमी से जूझ रहा था। इस दौरान देश और किसानों का हौसला बढ़ाने के लिए लाल बहादुर शास्त्री ने 'जय जवान, जय किसान ' का नारा दिया था। उन्होंने अनाज की कमी से जूझ रहे भारत की हालत सुधारने के लिए लोगों को एक समय भूखे रहने की अपील की। वहीं शास्त्री जी की इस अपील का पूरे देश ने मान रखा।

मृत्यु

लाल बहादुर शास्त्री करीब 18 महीने तक देश के प्रधानमंत्री पद पर रहे। उनके कार्यकाल में ही भारत ने पाकिस्तान से साल 1965 में जंग जीती थी। उस दौरान पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान थे। पाकिस्तानी राष्ट्रपति अयूब खान के साथ ताशकंद में युद्ध विराम के समझौते पर हस्ताक्षर के बाद लाल बहादुर शास्त्री की 11 जनवरी 1966 की रात में रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो गई। 

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