By Prabhasakshi News Desk | Sep 03, 2024
पटना । बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने जाति आधारित गणना के मुद्दे पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ कथित टिप्पणी की जिसे लेकर मंगलवार को भाजपा और राजद नेताओं के बीच वाकयुद्ध शुरू हो गया। भाजपा की बिहार इकाई के नेताओं ने राजद सुप्रीमो की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए कहा कि वह ‘गुंडों की तरह बात कर रहे हैं’। इससे पहले दिन में जाति आधारित गणना के मुद्दे पर भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग)सरकार और आरएसएस पर सीधा हमला करते हुए लालू प्रसाद ने कहा था,‘‘इन आरआरएस/भाजपा वाला का कान पकड़, दंड बैठक करा इनसे जातिगत जनगणना कराएंगे। इनका क्या औक़ात है जो ये जातिगत जनगणना नहीं करायेंगे? इनको इतना मजबूर करेंगे कि इन्हें जातिगत जनगणना करना ही पड़ेगा।’’
इसी तरह की राय व्यक्त करते हुए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘लालू प्रसाद खुद एक अभिशाप हैं...वे बिहार के लिए एक गाली हैं। लालू ने बिहार को क्या दिया है? उन्होंने राज्य की छवि खराब की है। हमने संकल्प लिया है कि बिहार को उन लोगों से मुक्त कराने के लिए अभियान चलाएंगे जिन्होंने बिहारी शब्द को गाली बना दिया है।’’ भाजपा के वरिष्ठ नेता और पार्टी सांसद संजय जायसवाल ने कहा, ‘‘लालू यादव झूठ बोल रहे हैं...बिहार में जातिगत सर्वेक्षण हुआ था और भाजपा ने इसका समर्थन किया था...लालू यादव ऐसा क्यों कर रहे हैं? कांग्रेस शासित राज्यों में जहां जातिगत सर्वेक्षण नहीं हुआ है, वहां सवाल नहीं उठाना चाहिए। दरअसल लालू यादव को पता ही नहीं है कि क्या बोलना है।’’ इस बीच, लालू प्रसाद के बयान का बचाव करते हुए राजद नेता तेजस्वी यादव ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘भाजपा और आरएसएस के लोग आरक्षण के पूरी तरह खिलाफ हैं। यही कारण है कि वे देश में जातिगत जनगणना नहीं चाहते हैं। लालू जी ने जो भी कहा है, वह बिल्कुल सही है।