By अभिनय आकाश | Sep 30, 2026
राउज़ एवेन्यू कोर्ट, पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, मीसा भारती, तेजस्वी यादव, हेमा यादव, तेज प्रताप यादव और कई अन्य लोगों से जुड़े कथित 'नौकरी के बदले ज़मीन' वाले मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोप तय करने पर नए सिरे से दलीलें सुनेगी। अब इस मामले की सुनवाई स्पेशल जज प्रशांत कुमार करेंगे और आरोप तय करने पर दलीलें 14 और 15 अक्टूबर को सुनी जाएंगी। यह नई सुनवाई इसलिए ज़रूरी हो गई क्योंकि इस मामले में आदेश सुरक्षित रखने वाले पूर्व स्पेशल जज विशाल गोगने का तबादला दिल्ली हाई कोर्ट में हो गया था। दिल्ली हाई कोर्ट की मौजूदा रजिस्ट्रार सूची के अनुसार, डॉ विशाल गोगने 22 सितंबर, 2026 से रजिस्ट्रार के तौर पर कार्यरत हैं।
14 मार्च 2026 को ED ने तत्कालीन स्पेशल जज विशाल गोगने के सामने आरोप तय करने पर अपनी दलीलें पूरी की थीं। एजेंसी ने तर्क दिया कि लालू प्रसाद यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सबूत थे और आरोप लगाया कि अपराध से मिली रकम का इस्तेमाल उन्होंने किया था। ED ने आरोप लगाया है कि A K इन्फोसिस्टम्स को 2006-07 में अमित कात्याल के प्रमोटर के तौर पर शामिल करके बनाया गया था और कंपनी ने कोई खास बिजनेस एक्टिविटी करने के बजाय कई ज़मीन के टुकड़े खरीदे थे। एजेंसी के मुताबिक, एक प्रॉपर्टी कथित ज़मीन-के-बदले-नौकरी घोटाले से जुड़ी थी और बाद में 2014 में कंपनी को 1 लाख रुपये में राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को ट्रांसफर कर दिया गया था। एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया है कि 1996 में बनी कंपनी A B एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड का इस्तेमाल न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में एक प्रॉपर्टी खरीदने के लिए किया गया था। ED के मुताबिक, 2007 में पांच कंपनियों के ज़रिए 5 करोड़ रुपये का फंड भेजा गया और बाद में प्रॉपर्टी खरीदी गई। ED ने अपनी जांच के सिलसिले में मार्च 2024 में दिल्ली-NCR, पटना, मुंबई और रांची में 24 जगहों पर तलाशी ली थी। एजेंसी के मुताबिक, तलाशी के दौरान बिना हिसाब-किताब वाला कैश, विदेशी मुद्रा, सोने की ईंटें, सोने के गहने और प्रॉपर्टी व सेल डीड से जुड़े दस्तावेज़ बरामद हुए थे। एजेंसी ने जांच के दायरे में आए अपराध से मिली रकम का अनुमान लगभग 600 करोड़ रुपये लगाया था, जिसमें अचल संपत्तियां और कथित तौर पर बेनामीदारों के ज़रिए किए गए ट्रांज़ैक्शन शामिल थे।