By अभिनय आकाश | Mar 19, 2026
ईरान ने ऐलान कर दिया है कि देश की सुप्रीम सिक्योरिटी काउंसिल जो सीधे सुप्रीम लीडर के प्रति जिम्मेदार है उसके चीफ अली लारजानी की शहादत हो गई है। बकौल ईरानी मीडिया अली लारजानी ईरान के बड़े लीडर और रणनीतिकार थे। लेकिन ईरान का हर नेता इस वक्त शहादत के जुनून में रंगा हुआ है। यह एक बड़ी ऐतिहासिक लड़ाई है और कुदस की आखिरी जंग है। जाहिर है इसमें बड़ी और अजीम कुर्बानियां देनी होंगी। ईरान इस युद्ध को फतह करके ही रहेगा। इसके लिए उसके पास 1000 लारीजानी और तैयार हैं। ईरानी मीडिया बता रहा है कि अमेरिका और इसराइल इस युद्ध में ईरान को घुटनों पर ला नहीं सकते। वो किसी भी कीमत पर ऐसा नहीं कर पाएंगे और एक के बाद एक तैयार खड़े हैं जामे शहादत नोश फरमाने के लिए। इसके साथ ही ईरान ने अपने मिसाइलों के जखीरे से वो मिसाइल निकाली है जो इसराइली और अमेरिकी डिफेंस सिस्टम की जद में आती ही नहीं। हज कासिम जंग के 19वें दिन हज कासिम मिसाइल की लहर ईरान ने दाग दी है। यह पहली बार है जब ईरान ने हज कासिम निकाली है। आईआरजीसी ने हमले का वीडियो जारी करके इस बात की तस्दीक की है कि हज कासिम मिसाइल लंबी दूरी तक एकदम सही निशाना लगा सकती है।
अब ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस फोर की हर लहर में वो ऐसी मिसाइलें छोड़ रहा है जो इसराइल अमेरिका के एयर डिफेंस सिस्टम को थका रही हैं। ईरान के रेवोलशनरी गार्ड्स के कमांडर इन चीफ के सलाहकार इब्राहिम जबारी के मुताबिक तेहरान के पास मिसाइलों की नई और एडवांस पीढ़ी मौजूद है। जिन्हें अभी तक युद्ध में इस्तेमाल नहीं किया गया था। जबबारी ने यह भी दावा किया था कि ईरान लंबे समय तक युद्ध लड़ने की क्षमता रखता है। उनके मुताबिक इलाके में मौजूद अमेरिका के सैन्य ढांचों पर किए गए हमलों में लगभग 70 फीसदी अमेरिकी ठिकानों और मुख्यालयों को नुकसान पहुंचाया जा चुका है।