By अंकित सिंह | Aug 31, 2022
कार्तिक कुमार बिहार विधान परिषद के सदस्य हैं। उन्हें अनंत सिंह का काफी करीबी माना जाता है। समर्थकों के बीच कार्तिकेय मास्टर के नाम से मशहूर है। अनंत सिंह भी इन्हें मास्टर साहब ही कह कर बुलाते हैं। आपको बता दें कि कार्तिक सिंह के कानून मंत्री बनने के साथ ही उनके खिलाफ वारंट भी जारी हो गया था। जिसके बाद से भाजपा जबरदस्त तरीके से नीतीश सरकार पर हमलावर हो गई थी। वहीं राजद की ओर से दावा किया गया था कि अपराध भ्रष्टाचार के खिलाफ हर गठबंधन की सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। कार्तिक ने 16 अगस्त को नीतीश कुमारके नेतृत्व वाली नवगठित महागठबंधन सरकार में अपनी पार्टी के कोटे से मंत्री के रूप में शपथ ली थी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 2014 के अपहरण के एक मामले में कार्तिक के नामजद होने के बावजूद उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने पर सवाल खडा करते हुए उन्हें मंत्री पद से हटाए जाने की मांग की थी। भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष संजय जायसवाल ने राज्य में इन मंत्रियों के विभागों में फेरबदल पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘आज कार्तिकेय सिंह का विभाग बदल दिया गया। यह नीतीश की नई जीरो टॉलरेंस नीति है कि फंसाते भी हम है, बचाते भी हम है। हम ही लालू (राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष), तेजस्वी, अनंत सिंह, आनंद मोहन को फंसाएंगे और जब हमारे शरण में आ जाइएगा तो हम ही बचाएंगे।’’ उन्होंने नीतीश पर ‘‘रबर स्टाम्प मुख्यमंत्री’’ होने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह अब लालू के परिवार के ‘‘आदेशपालक’’ की भूमिका में हैं।