By अनन्या मिश्रा | Apr 02, 2026
तृणमूल कांग्रेस देश की राष्ट्रीय पार्टियों में शामिल है। हालांकि इसका मुख्य प्रभाव क्षेत्र पश्चिम बंगाल है। जहां पर लगातार पार्टी अपनी सत्ता बनाए हुए हुए। 01 जनवरी 1998 को ममता बनर्जी ने पार्टी का गठन दिया था। ममता बनर्जी बंगाल की वर्तमान सीएम हैं। वह केंद्र में दो बार रेवले मंत्री रहने के अलावा कई अन्य विभागों की भी मंत्री रह चुकी हैं। तृणमूल कांग्रेस की लोकसभा में 22 सीटें और राज्यसभा में 13 सांसद हैं।
तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में साल 2011 में सत्ता हासिल की थी। जोकि 'मां, माटी, मानुष' के नारे के साथ शहरी और ग्रामीण मतदाताओं को जोड़ने में सफल रही थी। टीएमसी ने अपने लोकलुभावन कल्याणकारी योजनाओं के दम पर राज्य में अपनी पकड़ को मजबूत रखा।
ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस का गठन किया था, पार्टी ने तेजी से अपना आधार बढ़ाया और साल 2009 के लोकसभा चुनाव में अन्य राजनीतिक पार्टी के साथ गठबंधन में 8 सीटें जीती थी। फिर साल 2011 के विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस ने भारी बहुमत के साथ जीत हासिल की और इस तरह से राज्य में 34 वर्षों का वाम मोर्चा शासन समाप्त हो गया। ममता बनर्जी के 'मां, माटी, मानुष' के नारे ने ग्रामीण और शहरी मतदाताओं के बीच पार्टी की गहरी पैठ बनाई थी।
साल 2016 से लेकर 2021 के बीच में तृणमूल कांग्रेस के बीच कल्याणकारी योजनाओं और प्रत्यक्ष हस्तांतरण पर अपने ध्यान को केंद्रित किया था। टीएमसी को भारत के निर्वाचन आयोग द्वारा राष्ट्रीय पार्टी के रूप में मान्यता प्राप्त है। टीएमसी ने साल 2016 और 2021 के विधानसभा चुनावों में अपनी सत्ता को बरकरार रखा। साल 2021 के विधानसभा चुनाव में 215 सीटें जीत कर टीएमसी ने ऐतिहासिक जीत हासिल की और ममता बनर्जी ने लगातार तीसरी बार शपथ ली।
राज्य में अपना मजबूत आधार स्थापित करने के बाद तृणमूल कांग्रेस ने अन्य राज्यों में भी अपनी पहुंच बढ़ा ली है। पार्टी अब सांसदों की संख्या के मामले में भारत की तीसरी सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है। वहीं ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस पार्टी लाखों लोगों की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करती है।