Ravindra Kaushik Birth Anniversary: जानें RAW के जासूस रवींद्र कौशिक की कहानी, जिसे Pakistan में मिला था मेजर का पद

By अनन्या मिश्रा | Apr 11, 2026

रवींद्र कौशिक एक जबांज देशभक्त थे। आज ही के दिन यानी की 11 अप्रैल को रवींद्र कौशिक का जन्म हुआ था। वह एक भारतीय अभिनेता थे, जिनको RAW ने जासूस बनाकर पाकिस्तान भेजा था। उन्होंने पाकिस्तान में रहकर वहां की सेना में मेजर के पद तक का सफर तय किया था। 8 सालों तक वह कई अहम जानकारियां भारत भेजते रहे थे। हालांकि एक ऑपरेशन के दौरान उनका भेद खुल गया था। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर रवींद्र कौशिक के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...

ऐसे हुई ट्रेनिंग

बता दें कि 23 साल की उम्र में रवींद्र कौशिक को RAW ने सीक्रेटली रिक्रूट किया। फिर उनको दो सालों तक ट्रेनिंग दी गई। जिसमें उनको इस्लामी रीति-रिवाज, उर्दू, पाकिस्तान की राजनीति और मिलिट्री स्ट्रक्चर आदि के बारे में जानकारी दी गई। रवींद्र का नाम, धर्म और पहचान सब बदल दी गई। अब वह रवींद्र से 'नबी अहमद शाकिर' बन चुके थे। साल 1975 में उनको पाकिस्तान भेज दिया गया था। यहां पर उन्होंने लॉ की पढ़ाई की और सेना में कमीशन लिया और मेजर बन गए। रवींद्र ने RAW को कई अहम जानकारियां भेजीं, जोकि भारत की सुरक्षा के लिए अहम साबित हुईं।

रॉ तक पहुंचाई कई जानकारी

पाकिस्तान में रवींद्र पूरी तरह से अपनी नई पहचान में रह चुके थे। रवींद्र ने एक पाकिस्तानी महिला से शादी की और उनका एक बेटा भी था। वह पूरी तरह से पाकिस्तानी नागरिक की तरह जीते रहे। लेकिन अंदर से वह एक सच्चे भारतीय थे। पाकिस्तानी सेना में रहते हुए वह सामरिक दस्तावेज, गुप्त मिशन और सेना की गतिविधियों की जानकारी RAW तक पहुंचाते रहे। करीब 8 साल तक वह पाकिस्तान में देश के लिए काम करते रहे। लेकिन बिना किसी शक के उनकी जिंदगी हमेशा के लिए ऐसी नहीं चल सकी।

पकड़े गए रवींद्र

साल 1983 में रवींद्र का नाम उजागर हो गया और इसके बाद उनको फौरन गिरफ्तार कर लिया गया। जिसके बाद पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने उनको पकड़कर भारी यातनाएं दीं। रवींद्र कौशिक कई सालों तक जेल की काल कोठरी में अमानवीय परिस्थितियों में रहकर सब कुछ सहा। लेकिन उन्होंने देश के खिलाफ एक शब्द नहीं कहा। वहीं साल 1985 में रवींद्र को फांसी की सजा सुनाई थी, जोकि बाद में उम्र कैद में बदल गई।

मृत्यु

पाकिस्तानी जेल में रवींद्र ने 16 साल बिताए थे। टीबी और दिल की बीमारे ने धीरे-धीरे रवींद्र की हालत बिगाड़ दी थी। वहीं 2001 में रवींद्र कौशिक का मुल्तान जेल में निधन हो गया था।

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