By एकता | May 15, 2026
जब हर इंसान की फितरत और उसकी पसंद अलग होती है, तो उनकी लव लैंग्वेज भला एक जैसी कैसे हो सकती है? अक्सर कपल्स इसी बुनियादी बात को नजरअंदाज कर देते हैं, जिसका नतीजा होता है बेवजह के मनमुटाव और झगड़े। जब पार्टनर्स की लव लैंग्वेज आपस में मेल नहीं खाती, तो भावनाओं का सही तालमेल बैठना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में एक साथी को लगता है कि उसकी बात सुनी ही नहीं जा रही, जबकि दूसरे को यह मलाल रहता है कि तमाम कोशिशों के बावजूद उसके प्रयासों की कोई कदर नहीं है। धीरे-धीरे यह गैप रिश्ते में अकेलापन भरने लगता है। लेकिन परेशान होने की जरूरत नहीं है, चलिए इस उलझन को सुलझाने में आपकी थोड़ी मदद कर देते हैं।
सबसे पहले इस बात पर गौर करें कि आपका पार्टनर आपसे किस चीज की सबसे ज्यादा मांग करता है या वह खुद अपना प्यार कैसे जाहिर करता है। अक्सर हम दूसरों के लिए वही करते हैं, जो हम खुद अपने लिए चाहते हैं। अगर आपके पार्टनर को आपके साथ वक्त बिताना पसंद है और आप काम में उलझे रहते हैं, तो यकीन मानिए, दिन के सिर्फ 15 मिनट बिना फोन के उनके साथ बैठना उनके लिए दुनिया के किसी भी महंगे गिफ्ट से बड़ा तोहफा होगा।
साथ ही, अपने पार्टनर को खुलकर बताएं कि आपको किस बात से सबसे ज्यादा खुशी मिलती है। अपनी जरूरतें बताने में हिचकिचाहट कैसी? उन्हें यह कहने के बजाय कि तुम मुझसे प्यार नहीं करते, यह कहें कि जब हम साथ टहलने जाते हैं, तो मुझे बहुत अच्छा लगता है। याद रखिए आपकी सकारात्मक भाषा और छोटी सी कोशिश आपके रिश्ते को पहले से कहीं ज्यादा मजबूत बना सकती है।