By रेनू तिवारी | Apr 07, 2023
विदेशों में यौनकर्मी या फिर कहें सेक्स वर्कर्स के लिए जिंदगी शायद थोड़ी आसान है क्योंकि उन्हें एक सोसाइटी के निचले हिस्से के रुप में स्वीकार कर दिया गया हैं लेकिन भारत में सेक्स वर्कर्स के लिए स्थिति आसान नहीं हैं। कुछ भारत के कई शहरों में इनके लिए अलग से एरिया हैं जहां पर सेक्स वर्कर्स मिलती हैं। वहीं ऑनलाइन चीजें हो जाने से कई कंपनियां सोशल मीडिया या फोन पर बात करके अपने क्लाइंट से संपर्क करती हैं। सेक्स वर्कर्स की किसी भी तरह से आसान नहीं होती हैं। सामुदायिक संगठन हमसफर ट्रस्ट की शोध सहायक उर्मी जाधव एक घटना को याद करती हैं और बताती है कि एक ग्राहक ने एक महिला से वीडियो कॉल पर सेक्स के लिए शुरू में उसे 1,000 रुपये देने का वादा किया था। बाद में वीडियो कॉल को रिकर्ड कर लिया गया। इसके अलावा महिला को केवल 200 रुपेय दिए। उससे ज्यादा पैसा देने से इनकार कर दिया। महिला को ब्लैकमेल भी किया गया।
भारत में कानून अपने आप में यौन कार्य को अवैध नहीं बनाता है लेकिन देश के कानून के अनुसार वेश्यालय चलाना, यौनकर्मी की कमाई पर जीवन यापन करना या सार्वजनिक रूप से यौन कार्य करने की याचना करना अपराध है। मई 2022 में अपनी सिफारिशों के बीच, सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया था कि पुलिस को न तो दखल देना चाहिए और न ही वयस्क और सहमति से यौनकर्मियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई करनी चाहिए।
महाराष्ट्र और दिल्ली के कुछ हिस्सों में पुलिस ने यौनकर्मियों के ग्राहकों को भगाना शुरू कर दिया, जिससे उनका व्यवसाय प्रभावित हुआ। कुछ मामलों में ग्राहकों को पुलिस स्टेशनों में घसीटा गया था। वकील समूह की वकील तृप्ति टंडन कहती हैं कि यौनकर्मियों को अप्रत्यक्ष रूप से परेशान करने के लिए इस तरह की रणनीति उन्हें अधिक नुकसान के चंगुल में धकेल सकती है। ग्राहक उनसे ऐसे स्थान पर मिलने की मांग कर सकते हैं जो पहले तय नहीं किया गया था और जहां उन्हें सुरक्षा प्रदान करने वाली परिचित प्रणालियां गायब हैं।