खुद को जानने की चाहत लोगों को इन मठों तक ले आती है... आप भी जानें क्यों हैं ये खास

By सुषमा तिवारी | Mar 27, 2019

जन्म होते ही हमारे लिए तय कर दिया जाता है की हमें क्या करना है, परीक्षा में कितने नंबर लाने हैं, कौन सी जॉब करनी है... लेकिन कई बार ऐसा होता है जो हमारे बड़े कहते है हम वो नहीं करना चाहते.. या फिर कई बार दबाव और आर्थिक परिस्थितियों के कारण हम वो करने लगते है जिसके लिए हम नहीं है। हम खुद को कैसे पहचाने की हम कौन है? हम क्या चाहते है? 

इस सभी के जबाव पाने के लिए हमें खुद को खोजना होगा। खुद को खोजने के लिए जरूरी है आत्मिक शांति और मेडिटेशन। हमें सच में खुद को जानने के लिए रोजमर्रा जिंदगी से दूर जाकर आत्मिक शांति और मेडिटेशन करने की आवश्यकता होती है। शांति और मेडिटेशन के लिए मोनेस्ट्री यानी मठों से अच्छी जगह और कोई नहीं होती। आज हम उन्हीं मठों के बारें में बात करेंगे-

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लद्दाख की हेमिस मोनेस्ट्री 

लद्दाख ऐसी जहग है जहां का एहसास आपको दीन-दुनिया से अलग कर देगा। ऊंचे पर्वत, रेतीली जमीन, सरसराती हवा, कलकलाता पानी और खूबसूरत वादियां... ये बस अपको लेह- लद्दाख का एहसास कराएंगे। हेमिस मठ या मोनेस्ट्री यह लेह से कुछ ही दूरी पर स्थित है। इस जगह पर इतनी शांति है कि आप यहां आप अगर मेडिटेशन करते है तो आपका ध्यान जरा भी टूटने की आशंका नहीं है जब तक आप नहीं चाहेंगे।  यह जगह उन लोगों के लिए एकदम परफेक्ट जगह है जो किसी से बातचीत करना पसंद नहीं करते हैं और खुद को जानना चाहते है। हेमिस सबसे बड़ा और धनी मठ है जो इस क्षेत्र में बौद्ध विरासत रखता है। 

लेह की पहाड़ी पर स्थित थिकसे मोनेस्ट्री

थिकसे मठ भी भारत की बड़े मठों मे से एक है। लेह की पहाडियों पर बने इस मठ की खासियत यहां की सुंदरता में बसी शांति की है। ये जगह इतनी खूबसूरत है कि अगर आप यहां आते है तो आपको यहां की वादियां अपना बना लेंगी। यहाँ आने वाले पर्यटक सुन्दर और शानदार स्तूप, मूर्तियाँ, पेंटिंग,थांगका और तलवारों को देख सकते हैं जो यहाँ के गोम्पा में राखी हुई हैं। यहां के आप पास ठहर कर कुछ दिन यहां की खूबसूरती को निहारना और यहां कि हवा बिलकुल साफ और जादूई है। आत्मचिंतम के लिए ये बेहतरीन जगहों में से एक है। यहाँ पर एक बड़ा सा पिलर भी है जिसमें भगवान बुद्ध के द्वारा दिए गए सन्देश और उपदेश लिखे हुए हैं। 

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सिक्किम का रुमटेक मठ

रुमटेक मठ सिक्किम की राजधानी गान्तोक के निकट स्थित एक बौद्ध बिहार (गोम्पा) है। इसे 'धर्मचक्र केन्द्र' भी कहते हैं। रुमटेक मठ की सिक्किम के सबसे बड़े मठों में से एक है। सिक्किम के रुमटेक मठ की प्रतिकृति सूर्फू मूल की है। 3 मंजिला मठ में विभिन्न थांगका पेंटिंग, दुर्लभ बौद्ध कलाकृतियां, भगवान बुद्ध के 1001 लघु सोने के मॉडल और ऐसी कई आकर्षक चीजें हैं। मठ में बहुत सारी गतिविधियाँ, अनुष्ठान सेवाएं हैं, जिनमें सुबह और शाम का जप शामिल हैं।

- सुषमा तिवारी

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