By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 03, 2026
नयी दिल्ली, तीन अक्टूबर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने भदोही के जिला अस्पताल में एक गर्भवती दलित महिला को भर्ती करने से कथित तौर पर इनकार किए जाने की निंदा करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार से मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की। अस्पताल में भर्ती नहीं किए जाने के कारण महिला को सड़क किनारे बच्चे को जन्म देना पड़ा। पार्टी ने कहा कि यह घटना महज ‘‘चूक’’ नहीं, बल्कि ‘‘शासन-व्यवस्था की भयावह विफलता’’ है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय जांच दल ने चार डॉक्टरों और एक नर्स को गंभीर लापरवाही का दोषी पाया। लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय प्रवक्ता रितेश कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार को बहाने बनाने के बजाय जिम्मेदारी तय करनी चाहिए और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं में सुधार करना चाहिए। कुमार ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘जब प्रसव पीड़ा से गुजर रही किसी महिला को कथित तौर पर सरकारी अस्पताल से लौटा दिया जाता है और उसे सड़क किनारे बच्चे को जन्म देने के लिए मजबूर होना पड़ता है, तो यह महज ‘चूक’ नहीं, बल्कि शासन व्यवस्था की गंभीर विफलता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन को जनता को जवाब देना चाहिए, जिम्मेदारी तय करनी चाहिए और आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं सुचारू रूप से सुनिश्चित करनी चाहिए, न कि बहाने बनाने चाहिए।
यह शर्मनाक है।