By अभिनय आकाश | Jun 15, 2026
शिपिंग मिनिस्ट्री के एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम द्वारा संचालित भारतीय एलएनजी कैरियर 'दिशा' ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से पार कर लिया है। 62,370 मीट्रिक टन एलएनजी कार्गो ले जा रहा 'दिशा', पिछले तीन महीनों से ज़्यादा समय में युद्ध क्षेत्र से बाहर निकलने वाला भारत का झंडा लगा पहला एलएनजी वाहक जहाज़ है।
शर्मा ने कहा कि अभी की बात करें तो, शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम द्वारा संचालित एलएनजी कैरियर दिशा ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से पार कर लिया है और यह 62,370 मीट्रिक टन एलएनजी कार्गो लेकर आ रहा है। भारत आने पर इस जहाज़ के दहेज पहुंचने की उम्मीद है, जो संभवतः 18 तारीख को होगा। मंत्रालय ने कहा कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने और उन्हें ज़रूरी मदद देने के लिए 'डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ शिपिंग' विदेश मंत्रालय, विदेशों में भारतीय मिशनों, शिपिंग कंपनियों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है।
शर्मा ने आगे बताया कि मंत्रालय द्वारा बनाए गए कंट्रोल रूम ने शुरू होने के बाद से 12,700 से ज़्यादा कॉल और 28,000 से ज़्यादा ईमेल संभाले हैं। उन्होंने कहा, "कंट्रोल रूम ने शुरू होने के बाद से 12,737 कॉल और 28,299 से ज़्यादा ईमेल संभाले हैं। पिछले 96 घंटों में समुद्री कर्मचारियों, उनके परिवारों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े लोगों से कुल 406 कॉल और 784 ईमेल मिले हैं। उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने अब तक 3,587 से ज़्यादा भारतीय समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षित वापसी में मदद की है, जिनमें पिछले 96 घंटों में वापस आए 50 लोग भी शामिल हैं। शर्मा ने कहा कि मंत्रालय ने 'डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ शिपिंग' के ज़रिए अब तक 3,587 से ज़्यादा भारतीय समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षित वापसी में मदद की है, जिनमें पिछले 96 घंटों में वापस आए 50 लोग भी शामिल हैं। पूरे भारत में बंदरगाहों का कामकाज सामान्य है और कहीं भी भीड़-भाड़ या जाम की कोई खबर नहीं है।