उत्तरी गुजरात में फिर पहुंचा टिड्डियों का झुंड, अधिकारियों ने कहा- घबराने की जरूरत नहीं

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 21, 2020

अहमदाबाद। उत्तरी गुजरात के बनासकांठा और पाटन जिलों के कुछ दूर-दराज के इलाकों में टिड्डियों के छोटे झुंड लौट आए हैं, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि किसानों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को कहा कि उत्तरी गुजरात में पिछले साल दिसंबर में आए टिड्डियों के बड़े झुंड की तुलना में इस बार इनकी संख्या बहुत कम है। दिसंबर में आए टिड्डियों के झुंड के हमले में 25,000 हेक्टेयर के इलाके में तैयार फसलें नष्ट हो गई थीं। बनासकांठा जिला कृषि अधिकारी पी के पटेल ने बताया कि पांच महीने बाद 200 से 300 टिड्डियों वाले छोटे झुंड बनासकांठा और निकटवर्ती पाटन में घुस आए हैं। 

उन्होंने कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय दिशा-निर्देशानुसार हम इतनी कम संख्या वाले टिड्डियों के झुंड को नियंत्रित नहीं करेंगे। हालांकि, जहां भी टिड्डी मिल रहे हैं, हम वहां छिड़काव कर रहे हैं। हमने डीसा के निकट आज एक गांव में टिड्डी के छोटे झुंड पर रसायन का छिड़काव किया। घबराने की आवश्यकता नहीं है।’’ उन्होंने कहा कि ये छोटे झुंड राजस्थान के जैसलमेर में टिड्डी के बड़े झुंड से संभवत: अलग हो गए होंगे। जैसलमेर में इन टिड्डी के झुंडों के खिलाफ अभियान चल रहा है। पटेल ने कहा, ‘‘ये टिड्डी के झुंड खतरा नहीं हैं। वे मोरों, कौवों और अन्य पक्षियों द्वारा प्राकृतिक रूप से नियंत्रित कर लिए जाते हैं। हमने कीटनाशकों के छिड़काव के लिए हस्तचालित पम्प भी मुहैया कराए हैं, ताकि किसान घबराए नहीं।’’ 

इसे भी पढ़ें: मध्य प्रदेश के आदिवासी जिले डिंडौरी में 7 करोड़ 55 लाख की लागत से होगा 5 सड़कों का निर्माण 

पाकिस्तान से पिछले साल दिसंबर में गुजरात के बनासकांठा, मेहसाणा, कच्छ, पाटन और साबरकांठा जिलों में आए टिड्डी के झुंड ने सरसों, अरंडी, कपास, सौंफ और जीरा जैसी कई फसलें तबाह कर दी थीं। गुजरात सरकार ने उस समय उन किसानों के लिए मुआवजे की घोषणा की थी, जिनकी फसलें नष्ट हो गई थीं।

प्रमुख खबरें

Rishabh Pant की Delhi Capitals में वापसी पर AB de Villiers बोले- यह बिल्कुल भी चौंकाने वाला नहीं था

Tazmin Brits के शतक का तूफान, South Africa की बड़ी जीत ने बदला Semifinal का पूरा समीकरण

England में Kiwi बल्लेबाजों का कहर, 96 साल पुराना Test Record तोड़ रचा नया इतिहास

FIFA World Cup 2026 में गोलों की बौछार, Lionel Messi की Golden Boot की दावेदारी हुई मजबूत