लोकसभा से कांग्रेस के 7 सदस्यों का निलंबन समाप्त, हुए थे पूरे सत्र के लिए निलंबित

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 11, 2020

नयी दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को कांग्रेस के सात सदस्यों के निलंबन के आदेश को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने की घोषणा की जिन्हें पिछले सप्ताह गुरूवार को सदन का निरादर करने और ‘घोर कदाचार’ के मामले में मौजूदा संसद सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया था। संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा की कार्य नियमावली के नियम 374 (2) का उल्लेख करते हुए कांग्रेस के गौरव गोगोई, टी एन प्रतापन, डीन कुरियाकोस, राजमोहन उन्नीथन, बैनी बहनान, मणिकम टेगोर और गुरजीत सिंह औजला के निलंबन को तत्काल समाप्त करने की अनुमति देने का प्रस्ताव रखा जिसे सदन ने ध्वनिमत से मंजूरी प्रदान कर दी।

इसके बाद अध्यक्ष ने घोषणा की कि पांच मार्च को निलंबित किये गये सदस्यों के निलंबन के आदेश तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाता है। इन सदस्यों को पांच मार्च को अध्यक्षीय पीठ से कुछ कागज उठाने और उन्हें फाड़कर उछालने के कारण सदन का निरादर करने के मामले में मौजूदा सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित किया गया था। अध्यक्ष ने कहा कि जो कुछ भी घटना पिछले दिनों घटी, उन्हें उससे व्यक्तिगत पीड़ा हुई।

उन्होंने कहा कि सदन के अंदर कागज फेंकना, मार्शल से कागज छीनना, प्लेकार्ड लाना आदि दृश्य देखे गये। अध्यक्ष ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में सदन में महिला सदस्यों के बीच अप्रिय स्थिति बनने और कुछ नेताओं को व्यक्तिगत रूप से चिह्नित करते हुए आरोप लगाने जैसे घटनाक्रम घटे जिनकी आवश्यकता नहीं थी। बिरला ने कहा कि कुछ सदस्यों ने उदाहरण दिये कि पहले भी इससे ज्यादा अप्रिय घटनाक्रम सदन में घटे हैं।

इसे भी पढ़ें: निलंबित सांसदों को लेकर अधीर रंजन चौधरी ने कहा- जेबकतरों को फांसी पर नहीं लटकाया जा सकता

उन्होंने कहा, ‘‘क्या हम उन्हें उचित मानते हैं? क्या हम उनकी पुनरावृत्ति चाहते हैं?’’ उन्होंने कहा, ‘‘मतभिन्नता हो सकती है। सहमति-असहमति लोकतंत्र का मर्म है। व्यंग्य और कटाक्ष भी होने चाहिए, लेकिन मर्यादा में।’’ बिरला ने कहा कि वह आसन से किसी सदस्य का निलंबन या निष्कासन नहीं चाहते।उन्होंने कहा कि सभी सदस्य कोशिश करें कि आसन के पास नहीं आना पड़े। उन्होंने कहा कि पिछले आठ महीने में सभी के सहयोग से सदन में कामकाज का कीर्तिमान स्थापित हुआ। उन्होंने कहा कि इस दौरान सदन में कभी व्यवधान नहीं हुआ और जनता का विश्वास बढ़ा जो सभी के सहयोग से संभव है। 

अध्यक्ष ने कहा, ‘‘मैं भी विश्वास दिलाता हूं कि जो विश्वास सदस्यों ने मुझमें व्यक्त किया है, उसमें कमी नहीं आने दूंगा। सदस्य जिस विषय पर चाहेंगे, सबके सहयोग से चर्चा का प्रयास करुंगा। मैं कभी व्यवधान नहीं चाहता। मेरी इच्छा थी कि कभी व्यवधान नहीं हो, सदन कभी स्थगित नहीं हो।’’ बिरला ने कहा कि उनका अनुरोध केवल इतना है कि सभी सदन की मर्यादा बनाकर रखें। उन्होंने इससे पहले हुई सर्वदलीय बैठक का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ दलों के नेताओं ने प्रतिबद्धता जताई कि उनके सदस्य कभी आसन के समीप नहीं आएंगे। इससे पहले सभी दलों के नेताओं ने पिछले सप्ताह सदन में हंगामे के बीच घटे घटनाक्रम पर दुखी होने के कारण अध्यक्ष के कुछ दिन तक सदन में नहीं आने के बाद आज आसन पर बैठने पर हर्ष व्यक्त किया।

इसे भी देखें: पूरे सत्र के लिए निलंबित कांग्रेस के 7 सांसद, कोरोना पर स्वास्थ्य मंत्री का बयान

प्रमुख खबरें

Yamuna Expressway बस हादसे पर Allahabad High Court सख्त, यूपी सरकार से मांगा जवाब

Guwahati के होमस्टे में छात्रा की संदिग्ध मौत, पुलिस ने साथी आशिक अली को दबोचा

Election Commission के स्पष्टीकरण से NDA सहयोगियों की चिंता दूर, चिराग और नायडू ने किया समर्थन

Rajasthan में Congress MLA Chetan Patel पर FIR दर्ज, Tika Ram Jully ने BJP सरकार को घेरा