By अंकित सिंह | Dec 01, 2025
वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में इस सप्ताह के अंत में लोकसभा में एक विशेष चर्चा आयोजित होने की संभावना है। इस अवसर पर सदस्यों को स्वतंत्रता आंदोलन में इस देशभक्ति गीत की भूमिका और इसकी समकालीन प्रासंगिकता के अलावा भारत की सांस्कृतिक विरासत के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करने का अवसर मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस चर्चा में भाग लेने की संभावना है। एक वरिष्ठ सांसद ने बताया कि वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में इस सप्ताह के अंत में लोकसभा में एक विस्तृत और विशेष चर्चा आयोजित होने की संभावना है।
सूत्रों ने बताया कि सदन में इस विषय पर लगभग 10 घंटे तक चर्चा होने की उम्मीद है। भारत के राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम, जिसका अर्थ है "माँ, मैं तुम्हें नमन करता हूँ" की 150वीं वर्षगांठ 7 नवंबर, 2025 को मनाई गई। यह रचना, एक चिरस्थायी गान, जिसने स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्र निर्माताओं की अनगिनत पीढ़ियों को प्रेरित किया है, भारत की राष्ट्रीय पहचान और सामूहिक भावना के एक स्थायी प्रतीक के रूप में खड़ा है। बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित, 'वंदे मातरम' पहली बार 7 नवंबर, 1875 को साहित्यिक पत्रिका बंगदर्शन में प्रकाशित हुआ था।
बाद में, बंकिम चंद्र चटर्जी ने इस भजन को अपने अमर उपन्यास 'आनंदमठ' में शामिल किया, जो 1882 में प्रकाशित हुआ था। इसका संगीत रवींद्रनाथ टैगोर ने तैयार किया था। यह राष्ट्र की सभ्यतागत, राजनीतिक और सांस्कृतिक चेतना का अभिन्न अंग बन गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने 7 नवंबर को राष्ट्रीय राजधानी में 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक साल तक चलने वाले समारोह का उद्घाटन किया था।