By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 22, 2026
मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले में एक सरकारी छात्रावास के अधीक्षक से उसकी निलंबन अवधि के वेतन से जुड़े करीब 2.30 लाख रुपये के बिल को मंजूरी देने के एवज में कथित तौर पर 10,000 रुपये की रिश्वत लेते एक कर्मचारी को बृहस्पतिवार को लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथों पकड़ लिया। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। निरीक्षक आशुतोष मिठास के मुताबिक सेमलिया बड़ी गांव के शासकीय बालक छात्रावास के अधीक्षक धूम सिंह सिंगाड़ ने लोकायुक्त पुलिस से शिकायत की थी कि उनकी निलंबन अवधि के आठ माह के वेतन के करीब 2.30 लाख रुपये के बिल मंजूर करने के एवज में उनसे रिश्वत मांगी जा रही है।
लोकायुक्त पुलिस के निरीक्षक ने बताया कि आरोपियों को फिलहाल गिरफ्तार नहीं किया गया है और विस्तृत जांच जारी है।