By अभिनय आकाश | Sep 24, 2026
भारत की सरकारी तेल और प्राकृतिक गैस कंपनी ओएनजीसी ने बंगाल की खाड़ी के पास महानदी बेसिन के गहरे समंदर में गैस के एक बहुत बड़े भंडार की खोज कर दी है। ऐसे समय में जब पूरी दुनिया में तेल और गैस की सप्लाई को लेकर अनसर्टेनिटी बनी हुई है तो वहीं भारत की यह खोज देश की ऊर्जा सुरक्षा यानी कि एनर्जी सिक्योरिटी के लिए एक नया मोड़ साबित हो गया है। यह खोज महानदी बेसिन के डीप वाटर इलाके में हुई है। इस कुएं का नाम एमडीw है। ओएनजीसी के मुताबिक इस कुएं से 18 सितंबर 2026 को ड्रिलिंग पूरी होने के बाद गैस फ्लो शुरू हो गया। फिलहाल कुएं से काफी अच्छी दर पर गैस बाहर निकल रही है और कुएं के अंदर रिजवियर प्रेशर भी काफी मजबूत और स्वस्थ स्तर पर बना हुआ है जो इस बात का संकेत है कि अंदर गैस का विशाल भंडार हो सकता है। भारत सरकार ने देश के समुद्री इलाके में छुपे तेल और गैस को ढूंढने के लिए समुद्र मंथन नामक एक विशेष पहल शुरू की। इस डीप वाटर अभियान की शुरुआत पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 25 जुलाई को की। एमडी डब्ल्यू28 इस नए अभियान के तहत खोदा गया पहला हुआ था और पहली ही कोशिश में ओएनजीसी को इतनी बड़ी सफलता हाथ लग गई। तीसरा लागत कम होगी और उत्पादन तेजी से शुरू होगा। यानी शेयर्ड इंफ्रास्ट्रक्चर।
ओएनजीसी ने साफ कर दिया है कि वो भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बनाने के लिए गहरे और अति गहरे यानी अल्ट्रा डीप वाटर समुद्री इलाकों में अपनी खोज को और तेज करेगी। क्या आपको लगता है कि समंदर में मिलने वाले यह नए भंडार और आने वाले समय में भारत को तेल और गैस के मामलों में पूरी तरह आत्मनिर्भर बना पाएंगे?