By दिनेश शुक्ल | Jan 22, 2021
भोपाल। केन्द्र सरकार द्वारा लागू किए गए तीनों कृषि कानून को लेकर चल रहे किसान आंदोलन को लेकर मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि यह आंदोलन किसानों की आड़ में विरोधियों का आंदोलन है। कृषि मंत्री ने बातचीत से समाधान निकालने के बजाय कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग पर अड़े संगठनों को किसान संगठन मानने से ही इंकार कर दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भी आग्रह किया है कि वह किसी के दवाब में आए बिना कृषि सुधार कानूनों को जारी रखें।
कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार किसानों को सम्मान निधि देने की पहल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की जिसकी मांग खेती में नुकसान के बावजूद कभी किसान संगठनों ने नहीं की थी, लेकिन जब प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों को संबल दिया तो इनमें से किसी संगठन ने आगे आकर प्रधानमंत्री का धन्यवाद नहीं किया। कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा कि यह कैसे किसान संगठन हैं, जो किसानों का भला होते हुए भी नहीं देख पा रहे। कृषि मंत्री कमल पटेल ने एक बार फिर जोर देकर कहा कि कृषि कानून किसानों के हित में हैं और किसानों की दशा और दिशा बदलने वाले हैं।