By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 22, 2026
मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश ने मौसम के हिसाब से बिजली की मांग में होने वाले अंतर को देखते हुए इसकी खरीद, आपूर्ति की व्यवस्था और मध्यम अवधि में बिजली बैंकिंग व्यवस्था तलाशने के लिए एक समझौता किया है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। मध्यप्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (एमपीपीएमसीएल) और उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) के बीच यह समझौता शुक्रवार को लखनऊ में हुआ।
समझौते के तहत दोनों राज्यों ने प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के माध्यम से 2,000 मेगावाट की एकीकृत सौर ऊर्जा और बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली क्षमता की खरीद की प्रक्रिया शुरू करने पर सहमति जताई है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से बिजली संसाधनों के कुशल साझा उपयोग, परिसंपत्तियों के बेहतर इस्तेमाल और दीर्घकालिक बिजली संसाधन उपलब्धता की योजना बनाने में मदद मिलेगी। अधिकारी ने बताया कि इस पहल से बिजली और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में करीब 10,000 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है।
इससे बुनियादी ढांचे के विकास और रोजगार सृजन के अवसर भी पैदा होंगे। दोनों राज्यों ने संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल, ग्रिड में लचीलापन और ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने तथा महंगी अल्पकालिक बिजली खरीद पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से मध्यम अवधि की सुनिश्चित बिजली बैंकिंग व्यवस्था तलाशने पर भी सहमति जताई है। स्वामी ने बताया कि समझौते पर एमपीपीएमसीएल के मुख्य महाप्रबंधक (गैर-पारंपरिक ऊर्जा) जी. एस. खानूजा और यूपीपीसीएल के निदेशक (योजना) दीपक रायजादा ने हस्ताक्षर किए।