लोगों के घर फिर नहीं जाएंगे 'महाबली', जानिए क्यों नहीं मनायी जाएगी दशकों पुरानी परम्परा

By अनुराग गुप्ता | Aug 21, 2021

तिरूवनंतपुरम। केरल की पौराणिक कथाओं के अनुसार असुर राज महाबली को भगवान विष्णु से हर साल 'तिरू ओणम' दिवस पर अपनी प्रजा से मिलने का वरदान मिला था। उत्तरी केरल के मालाबर क्षेत्र में ओणम के अवसर पर उसी वेशभूषा के साथ गांव के हर घर में जाते हैं, जहां पर उनका पारंपरिक तौर पर स्वागत होता है। इसके बदले वो हर किसी को आशीर्वाद देते हैं। लेकिन कोरोना की वजह दूसरे वर्ष भी दशकों पुरानी प्रथा नहीं हो पाएगी। 

इसे भी पढ़ें: अफगानिस्तान में फंसे है 41 केरलवासी, राज्य सरकार ने सुरक्षित वापसी के लिए केंद्र के हस्तक्षेप की मांग की 

हर घर जाते हैं ओनापोट्टन

उन्होंने कहा कि उनके पास इसे छोड़ने के अलावा कोई रास्ता नहीं है क्योंकि कुछ जोखिम भी है। जब ओनापोट्टन अपने पूरे मेकअप और रंगीन परिधानों में प्रत्येक घर जाते हैं, तो कई लोग विशेष रूप से बच्चे मनोरंजन के लिए उनके साथ चलते हैं लेकिन महामारी के मद्देनजर यह अच्छा नहीं है।

उन्होंने कहा कि घरों में इस महाबली का स्वागत बुजुर्ग व्यक्तियों द्वारा दीप जलाकर किया जाता है और वर्तमान परिस्थिति में आवश्यक सामाजिक दूरी के मानदंडों का पालन नहीं किया जा सकता है।

किसी से बात नहीं करते महाबली 

बच्चों की कहानी की किताबों में ‘असुर’ राजा रेशम की पोशाक, शाही आभूषण और मुकुट में होते हैं लेकिन मालाबार में इन ‘महाबली’ को कमर के नीचे एक सामान्य लाल रंग का कपड़ा लपेटे हुए और हाथों में ताड़ के पत्ते की छतरी लिए हुए देखा जा सकता है। इस लोक चरित्र का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि महाबली के रूप में तैयार होने के बाद कलाकार किसी से बात नहीं करते। 

इसे भी पढ़ें: केरल में बढ़ रहे कोरोना केस, एलडीएफ सरकार पर बरसे जे पी नड्डा 

पोट्टन का अर्थ स्थानीय में बोलने में अक्षम व्यक्ति होता है। मूल रूप से कन्नूर जिले के रहने वाले बाबू ने कहा कि ओनापोट्टन अपनी यात्रा के दौरान या घरों में जाते समय एक भी शब्द नहीं बोलते हैं, चलते समय वह अपने पीतल की घंटी बजाते हैं ताकि लोगों को उसके आगमन के बारे में पता चले और जब वे घंटी बजने की आवाज सुनते हैं तो लोग उन्हें अपने घरों में बुलाने की व्यवस्था करते हैं। ऐसे कलाकार के साथ आमतौर पर दो अन्य कलाकार भी होते हैं जो ड्रम और झांझ बजाते हैं।PM मोदी ने ओणम की बधाईप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को ओणम की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सकारात्मकता, भाईचारे और सद्भाव से संबंधित पर्व ओणम के विशेष मौके पर बहुत शुभकामनाएं। मैं सभी के अच्छे, स्वस्थ और सुखी जीवन की कामना करता हूं।

कोरोना महामारी की वजह से देशवासी पारंपरिक तौर पर त्योहार नहीं मना पा रहे हैं। वहीं केरल में कोरोना के मामलों में भी इजाफा हो रहा है। ऐसे में दशकों पुरानी परम्परा को नहीं इस बार भी नहीं मनाया जा रहा क्योंकि इसकी वजह से सामाजिक दूरी जैसे नियमों का उल्लंघन होने का खतरा बना रहता है।

प्रमुख खबरें

Rajya Sabha चुनाव में गिले-शिकवे भुलाकर साथ आने का समय: Akhilesh Yadav

Parveen Hooda के गोल्ड पर गांव में जश्न, पिता बोले- बेटी ने अपना वादा पूरा किया

Advent International यथार्थ हॉस्पिटल्स में खरीदेगी 24.9% हिस्सेदारी, CCI से मांगी मंजूरी

Pradeep Purnekar हत्याकांड में पूर्व महापौर Meenakshi Shinde ने खुद पर लगे आरोपों को बताया बेबुनियाद