Maharashtra: आदित्य ठाकरे की मांग- बेलगावी बनाया जाए केंद्रशासित प्रदेश, सिद्धारमैया बोले- यह बचकानी बात

By अंकित सिंह | Dec 10, 2024

शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने मांग की कि महाराष्ट्र की सीमा से लगे कर्नाटक के शहर बेलगावी को केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया जाना चाहिए। इसके बाद से इसको लेकर सियासत तेज हो गई। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने चुटकी लेते हुए ठाकरे के बयान को बचकाना कहा। उन्होंने कहा कि यह बचकाना बयान है। महाजन आयोग की रिपोर्ट अंतिम है। इसलिए न तो हमें कुछ मांगना चाहिए और न ही उन्हें। इसे केंद्र शासित प्रदेश कैसे घोषित किया जा सकता है? और, अगर महाराष्ट्र एकीकरण समिति (एमईएस) विरोध करती है, तो क्या हम चुप रहेंगे?

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बेलगावी विवाद क्या है?

बेलगावी सीमा मुद्दा 1957 का है जब राज्यों को भाषाई आधार पर पुनर्गठित किया गया था। महाराष्ट्र ने बेलगावी पर दावा किया, जो पूर्ववर्ती बॉम्बे प्रेसीडेंसी का हिस्सा था, क्योंकि इसमें बड़ी संख्या में मराठी भाषी आबादी है, और 800 से अधिक मराठी भाषी सीमावर्ती गांव हैं जो वर्तमान में कर्नाटक का हिस्सा हैं। कर्नाटक का कहना है कि राज्य पुनर्गठन अधिनियम और 1967 महाजन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार भाषाई आधार पर किया गया सीमांकन अंतिम है। यह दावा करने के लिए कि बेलगावी राज्य का अभिन्न अंग है, कर्नाटक सरकार ने यहां 'सुवर्ण विधान सौध' का निर्माण किया, जो बेंगलुरु में राज्य विधानमंडल और सचिवालय की सीट विधान सौध की तर्ज पर बनाया गया था।

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