By अभिनय आकाश | Nov 20, 2024
महाराष्ट्र में 20 नवंबर को एक ही चरण में 288 विधानसभा सीटों के लिए वोटिंग हुई। 23 नवंबर को नतीजे आएंगे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाला महायुति गठबंधन सत्ता बरकरार रखना चाहता है, जबकि महा विकास अघाड़ी (एमवीए) का लक्ष्य कमबैक करने का है। सभी 288 सीटों के लिए मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ और शाम 6 बजे तक जारी रहा। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में शाम 5 बजे तक 58.22 फीसदी मतदान हुआ है। जैसे ही मतदान समाप्त हुआ, सर्वेक्षणकर्ता अपनी भविष्यवाणियाँ प्रसारित करने के लिए तैयार नजर आईं। ऐसे में आपको बताते हैं कि महाराष्ट्र को लेकर तमाम सर्वे क्या प्रिडिक्शन कर रहे हैं।
चाणक्य एग्जिट पोल ने महाराष्ट्र में के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन के लिए मजबूत प्रदर्शन का अनुमान लगाया है, जिसमें 288 सदस्यीय विधानसभा में गठबंधन के लिए 150 से 160 सीटें जीतने की संभावना है। विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के 130 से 138 सीटों के बीच सुरक्षित होने की उम्मीद है।
टाइम्स नाउ जेवीसी के एग्जिट पोल के मुताबिक महायुति को 159 सीटें, एमवीए को 116 और अन्य को 13 सीटें मिलने का अनुमान है।
2019 में कितनी सटीक रहीं भविष्यवाणियां?
महाराष्ट्र में 2019 विधानसभा चुनाव में इंडिया टुडे-एक्सिस ने एनडीए (शिवसेना और बीजेपी) के लिए 166-194 सीटें और यूपीए (कांग्रेस-एनसीपी) के लिए 72-90 सीटों की भविष्यवाणी की थी। इसके अलावा, News18-IPSOS ने एनडीए के लिए 243 और यूपीए के लिए 41 सीटों की भविष्यवाणी की। भाजपा ने 105 सीटें जीतीं, अविभाजित शिवसेना ने 56 सीटें जीतीं, अविभाजित राकांपा ने 54 सीटें हासिल कीं और कांग्रेस को 44 सीटें मिलीं।
एग्जिट पोल के बारे में चुनाव आयोग ने क्या कहा?
लोकसभा चुनाव और हरियाणा विधानसभा चुनाव में एग्जिट पोल की गलत भविष्यवाणियों के मद्देनजर मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि एग्जिट पोल 'भारी विकृति' पैदा करते हैं और मीडिया संगठनों को इन उम्मीदों के बारे में आत्ममंथन करने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि एग्जिट पोल के आंकड़ों और वास्तविक नतीजों के बीच अंतर गंभीर मुद्दों को जन्म दे सकता है।
मैदान में दो प्रमुख गठबंधनों के बीच मुकाबला
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 दो मुख्य गठबंधनों सत्तारूढ़ महायुति और विपक्षी महा विकास अघाड़ी के बीच हाई लेवल बैटल में विजेता का फैसला होगा। महायुति में भाजपा, शिवसेना (शिंदे गुट) और अजीत पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) शामिल हैं। एमवीए में कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी शामिल है।