By अंकित सिंह | Aug 30, 2024
महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा गिरने को लेकर सियासी उबाल जबरदस्त तरीके से देखने को मिल रहा है। दरअसल महाराष्ट्र में इस साल विधानसभा के चुनाव होने हैं। आने वाले कुछ दिनों में इसकी घोषणा भी कर दी जाएगी। ऐसे में छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा गिरने को लेकर विपक्ष ने बड़ा मुद्दा बना लिया है। वह लगातार भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साध रहा है। शिवाजी की प्रतिमा गिरने के कई कारण हो सकते हैं। अलग-अलग दलीलें भी दी जा रही हैं। लेकिन कहीं ना कहीं मामला अब इतना बड़ा बन गया है कि भाजपा पूरी तरीके से बैकफुट पर आ गई है।
मोदी ने कहा कि जब 2013 में भाजपा ने मुझे प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में निश्चित किया, तो मैंने सबसे पहले रायगढ़ के किले में जाकर छत्रपति शिवाजी महाराज की समाधि के सामने बैठ कर प्रार्थना की और राष्ट्रसेवा की एक नई यात्रा आरंभ की थी। उन्होंने कहा कि जो लोग छत्रपति शिवाजी महाराज को अपना देवता मानते हैं और इससे उन्हें बहुत ठेस पहुंची है, मैं सिर झुकाकर उनसे माफी मांगता हूं। हमारे मूल्य अलग हैं। हमारे लिए हमारे देवता से बड़ा कुछ नहीं है।
हालांकि, चुनावी नफा नुकसान को समझते हुए मोदी ने अपने संबोधन में वीर सावरकर का भी जिक्र कर दिया और कहीं ना कहीं महा विकास आघाडी के नहले पर दहला मार दिया। आपको बता दें कि महाराष्ट्र में वीर सावरकर को बड़ा स्वतंत्रता सेनानी माना जाता है। उद्धव ठाकरे की शिवसेना भी लगातार वीर सावरकर के साथ खड़ी रहती है। वीर सावरकर को भारत रत्न देने की भी मांग कर दी गई थी। हालांकि, कांग्रेस लगातार वीर सावरकर पर सवाल खड़े करती रहती है। राहुल गांधी जबरदस्त तरीके से वीर सावरकर पर सवाल उठाते हैं। कई मामले कोर्ट में भी गए हैं। ऐसे में मोदी ने शिवाजी की प्रतिमा गिरने को लेकर हुए नुकसान की भरपाई वीर सावरकर पर कांग्रेस के बयानों को याद दिलाकर करने की कोशिश की है।
शिवसेना (यूबीटी) नेता आनंद दुबे ने कहा कि आज पीएम मोदी को महाराष्ट्र की जनता से माफी मांगनी पड़ी। छत्रपति शिवाजी महाराज सिर्फ महाराष्ट्र की जनता के नहीं बल्कि पूरे देश की जनता के देवता हैं। माफी काफी नहीं है, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री महाराष्ट्र के मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज हमारे देश का गौरव हैं...महाराष्ट्र की जनता आगामी विधानसभा चुनाव में बीजेपी और उसके सहयोगियों को सत्ता से बाहर कर देगी।
इससे पहले छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा ढहने की घटना को लेकर आलोचनाओं से घिरे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वह इस पराक्रमी शासक के 100 बार पैर छूने और घटना के लिए माफी मांगने में संकोच नहीं करेंगे। अजित पवार ने छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा गिरने की घटना के लिए महाराष्ट्र के लोगों से माफी मांगी थी। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने बुधवार को कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का गिरना एक दुखद घटना है और इस पर राजनीति करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
फडणवीस ने नागपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान एक गहन जांच का आह्वान भी किया और आश्वासन दिया कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। राजकोट किले में पिछले साल चार दिसंबर को नौसेना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मराठा शासक छत्रपति शिवाजी महाराज की 35 फुट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया था, जो तेज हवाओं के बीच सोमवार की दोपहर गिर गई। विपक्ष ने प्रतिमा गिरने की घटना को लेकर महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत महायुति गठबंधन पर निशाना साधा है, भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के इस्तीफे की मांग की है।