महात्मा गांधी 1947 में शाखा में आए थे, मोहन भागवत बोले- स्वयंसेवकों के अनुशासन की की थी प्रशंसा

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Oct 03, 2019

नयी दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि महात्मा गांधीविभाजन के दिनों में दिल्ली में एक शाखा में आए थे और स्वयंसेवकों का अनुशासन और उनमें जाति-पांति की भावना का अभाव देखकर प्रसन्नता व्यक्त की थी। उन्होंने कहा कि संघ के स्वयंसेवक प्रतिदिन प्रातःकाल एकात्मता स्त्रोत्र में महात्मा गांधी के नाम का उच्चारण करते हुए उनके जीवन का स्मरण करते हैं। देशवासियों द्वारा बुधवार को महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाए जाने के बीच भागवत ने आरएसएस की वेबसाइट पर प्रकाशित एक आलेख में कहा, ‘‘... विभाजन के रक्तरंजित दिनों में दिल्ली में अपने निवास के पास लगने वाली शाखा में गांधी जी का आना हुआ था। उसका रिपोर्ट 27 सितंबर 1947 के हरिजन में छपा है। संघ के स्वयंसेवकों का अनुशासन और उनमें जाति-पांति की विभेदकारी भावना का अभाव देख कर गांधी जी ने प्रसन्नता व्यक्त की थी।’’

इसे भी पढ़ें: गांधी जयंती: PM मोदी, सोनिया गांधी समेत कई नेताओं ने बापू को दी श्रद्धांजलि

उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने स्वदेशी दर्शन की वकालत की क्योंकि पाश्चात्य जगत सत्ता के बल पर शिक्षा को विकृत करते हुए व आर्थिक दृष्टि से सबको अपना आश्रित बनाने की कोशिश कर रहा था। भागवत ने कहा, ‘‘किन्तु गुलामी की मानसिकता वाले लोगों ने बिना इसे समझे पश्चिम से आयी बातों को ही स्वीकार कर लिया और अपने पूर्वज, गौरव व संस्कारों को हीन मानकर अंधानुकरण व चाटुकारिता में लग गये थे। उसका बहुत बड़ा प्रभाव आज भी भारत की दिशा और दशा पर दिखायी देता है।’’

प्रमुख खबरें

IPL 2026 के बीच चेन्नई सुपर किंग्स को बड़ा झटका, ये खिलाड़ी हुआ पूरे सीजन से बाहर

PAN Card का Misuse रोकें! घर बैठे Free में चेक करें CIBIL Score, फ्रॉड से बचें

टी20 वर्ल्ड कप की मैच फिक्सिंग मामले में गैंगस्टर का हाथ! लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने कनाडा कप्तान पर बनाया था दबाव

Delhi-NCR में Target Killing की बड़ी साजिश नाकाम, Pakistan के ISI एजेंट के 2 गुर्गे गिरफ्तार