Mahua Moitra ने रिश्वत के आरोपों पर अपना रुख स्पष्ट किया; टीएमसी को जांच रिपोर्ट का इंतजार: डेरेक

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Oct 23, 2023

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने रविवार को कहा कि उसकी सांसद महुआ मोइत्रा ‘सवाल पूछने के बदले पैसे लेने’ के आरोपों पर अपना रुख पहले ही स्पष्ट कर चुकी हैं, इसलिए पार्टी अब संसद की आचार समिति की जांच का इंतजार करेगी क्योंकि यह विषय उनके अधिकारों और विशेषाधिकारों से जुड़ा हुआहै।

राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ’ब्रायन ने पीटीआई वीडियो’ को बताया कि मोइत्रा को पार्टी की तरफ से सलाह दी गई थी कि वह अपने ऊपर लगे आरोपों पर अपना रुख स्पष्ट करें। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व एक उपयुक्त फैसला लेने से पहले संसदीय समिति की रिपोर्ट का इंतजार करेगा।

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और वकील जय अनंत देहाद्राई ने शनिवार को लोकपाल के पास तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की लोकसभा सदस्य मोइत्रा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उनपर संसद में सवाल पूछने के बदले पैसे लेने का आरोप लगाया गया है।

ब्रायन ने कहा, ‘‘हमने मीडिया में आई खबरें देखी हैं। पार्टी नेतृत्व की ओर से संबंधित सदस्य को अपने ऊपर लगे आरोपों के संबंध में स्थिति स्पष्ट करने की सलाह दी गई है। हालांकि, वह पहले ही ऐसा कर चुकी हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह विषय एक निर्वाचित संसद सदस्य, उनके अधिकारों और विशेषाधिकारों से जुड़ा हुआ है, इसलिए इस मामले की जांच संसद के उपयुक्त मंच द्वारा कराई जाए, जिसके बाद पार्टी नेतृत्व निर्णय लेगा।’’

दुबे ने मोइत्रा पर एक बार फिर निशाना साधते हुए कहा था कि जब वह भारत में थीं, तब उनके संसदीय ‘लॉगिन आईडी’ का इस्तेमाल दुबई में किया गया था। मोइत्रा ने आरोपों को बेबुनियाद करार देते हुए खारिज कर दिया है।

इससे पहले, तृणमूल कांग्रेस ने अपनी सांसद मोइत्रा से जुड़े विवाद से दूरी बनाए रखने का फैसला किया था। आरोप है कि रियल एस्टेट से लेकर ऊर्जा तक के विभिन्न क्षेत्रों में कारोबार करने वाले हीरानंदानी समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) दर्शन हीरानंदानी ने अडाणी समूह के बारे में संसद में सवाल पूछने के लिए मोइत्रा को पैसे दिए थे।

हीरानंदानी ने हाल में एक हलफनामे में दावा किया कि मोइत्रा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बदनाम और शर्मिंदा करने के लिए अडाणी पर निशाना साधा था। तृणमूल कांग्रेस की पश्चिम बंगाल इकाई के महासचिव एवं प्रवक्ता कुणाल घोष ने शनिवार को कहा था, ‘‘पार्टी को इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहना है। हमें लगता है कि जिस व्यक्ति के इर्द-गिर्द यह विवाद केंद्रित है, वही इस पर प्रतिक्रिया देने के लिए सबसे उपयुक्त है।’’

इस सप्ताह की शुरुआत में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और वकील जय अनंत देहाद्रई ने आरोप लगाया था कि मोइत्रा ने संसद में सवाल पूछने के बदले हीरानंदानी से पैसे लिए थे। इसके जवाब में, मोइत्रा ने उनके खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में मानहानि का मुकदमा दायर किया है।

All the updates here:

प्रमुख खबरें

Shimla Municipal Corporation में भारी हंगामा! महापौर ने 9 भाजपा पार्षदों को किया सस्पेंड, महिला मेयर की मांग पर अड़ा विपक्ष

केजरीवाल को बरी करने वाले जज Jitendra Pratap Singh कौन हैं? कांग्रेस और भाजपा नेताओं पर भी चला है चुके हैं न्यायिक हंटर!

DRDO की बड़ी कामयाबी: स्वदेशी एयर डिफेंस मिसाइल VSHORADS के तीन सफल परीक्षण, अब सेना में शामिल होने को तैयार

Marathi Pride Day | भाजपा क्षेत्रीय भाषाओं को खत्म कर हिंदी की सर्वोच्चता थोपना चाहती है, Uddhav Thackeray का बयान