By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 15, 2026
तृणमूल कांग्रेस की नेता एवं सांसद महुआ मोइत्रा ने दावा किया है कि पश्चिम बंगाल के नादिया जिला प्रशासन ने उन्हें सरकारी ‘सर्किट हाउस’ में कमरा आवंटित किए जाने के बावजूद देर रात वहां से कमरा खाली करने का आदेश दे दिया। संसद सत्र के बाद रात को ठहरने के लिए सर्किट हाउस पहुंचीं मोइत्रा ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने वहां से जाने से इनकार कर दिया तो शुक्रवार रात परिसर के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई और ‘जय श्री राम’ के नारे लगाने लगी। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की करीबी मानी जाने वाली मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि एक निर्वाचित सांसद के रूप में वह इस सुविधा का उपयोग करने की हकदार हैं, लेकिन जिला अधिकारियों द्वारा उन्हें परेशान करने के इरादे से आधी रात को कमरा खाली करने का दबाव बनाया गया।
मोइत्रा ने पीछे न हटने का अपना इरादा जाहिर करते हुए कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय ने मुझसे कहा था कि मैं एक स्वतंत्रता सेनानी की तरह जमीन पर उतरकर लोगों का सामना करूं और मैं वही कर रही हूं।’’ मोइत्रा का इशारा उच्चतम न्यायालय की उन टिप्पणियों की ओर था, जो उसने तृणमूल नेताओं पर बार-बार हो रहे हमलों और अंडे फेंकने की घटनाओं से सुरक्षा की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान की थीं। उन्होंने कहा, ‘‘कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मुझसे कहा था कि जिला प्रशासन मुझे सुरक्षा प्रदान करेगा और वही प्रशासन मुझे बाहर जाने का आदेश दे रहा है और परेशान कर रहा है।’’ मोइत्रा ने नादिया के नेजारत उपजिलाधिकारी से मिला आदेश भी पोस्ट किया। कथित आदेश में कहा गया था, ‘‘वार्षिक रखरखाव और सफाई व्यवस्था को सुगम बनाने के दृष्टिगत, नादिया सर्किट हाउस (कृष्णनगर स्थित) 14 अगस्त, 2026 की शाम से अगले आदेश तक सेवा के लिए उपलब्ध नहीं रहेगा।’’ इसमें कहा गया, ‘‘केवल 13 अगस्त 2026 से पहले की बुकिंग को ही छूट दी जाएगी।’’ नादिया जिला अधिकारियों की ओर से इस घटनाक्रम पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।