Economic Survey 2022: कैसा रहेगा इकोनॉमी का फ्यूचर? आसान शब्दों में समझिए आर्थिक सर्वेक्षण की बड़ी बातें

By अभिनय आकाश | Jan 31, 2022

आज से संसद के बजट सत्र की शुरुआत हो गई है। मंगलवार सुबह 11 बजे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी। इससे पहले आज राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद वित्त मंत्री ने 2021-22 का आर्थिक सर्वेक्षण यानी इकोनॉमिक सर्वे पेश किया। कोरोना महामारी से पस्त हुई वैश्विक अर्थव्यवस्था के बीच आर्थिक सर्वे में अगले वित्त वर्ष के लिए 8 से 8.5 के विकास दर का अनुमान रखा गया है। आप आपके लिए हम आसान भाषा में लेकर आए हैं वित्त मंत्री की तरफ से पेश किए गए आर्थिक सर्वे की बड़ी बातें। इसके साथ ही आपको बताएंगे कि आर्थिक सर्वे क्या होता है और इसे बजट से एक दिन पहले क्यों पेश किया जाता है और आर्थिक सर्वे तैयार कौन करता है?

1) भारतीय अर्थव्यवस्था अगले वित्त वर्ष (2022-23) में 8-8.5 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा सोमवार को संसद में पेश 2021-22 की आर्थिक समीक्षा में यह अनुमान लगाया गया है।

2) देश को 2024-25 तक 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लिये इस दौरान बुनियादी ढांचे पर 1,400 अरब डॉलर खर्च करने की जरूरत होगी। 

3) चालू वित्त वर्ष के दौरान कृषि क्षेत्र की ग्रोथ 3.9 फीसदी रहेगी।

4) इस वित्त वर्ष में इंडस्ट्रियल ग्रोथ 11.8 फीसदी रहेगी, सर्विसेज सेक्टर की ग्रोथ 8.2 फीसदी रहने का अनुमान है।

5) कंस्ट्रक्शन सेक्टर की बढ़ोतरी दर 10.7 फीसदी रहने की उम्मीद है।

6) आईटी-बीपीएम क्षेत्र की आय (ई-कॉमर्स को छोड़कर) 2020-21 के दौरान 194 अरब डॉलर तक पहुंच गई, जो सालाना आधार पर 2.26 प्रतिशत की वृद्धि है।

7) ऑयल प्राइसेज 70-75 प्रति बैरल की रेंज में होंगे। 

8) 75 आईपीओ से नवंबर 89000 करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाए गए। रिटेल इन्वेस्टर्स की कमाई बढ़ी है।

9) यूपीआई से पेमेंट तेजी से बढ़ा है. अकेले दिसंबर में यूपीआई से 8.26 लाख करोड़ रुपये के 4.6 बिलियन ट्रांजेक्शन हुए।

10) एमआईवी-2030 का अनुमान है कि भारतीय बंदरगाहों के विकास से निर्यात एवं आयात करने वालों को प्रतिवर्ष 6,000-7,000 करोड़ रुपये की लागत बचत होगी। 

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 आर्थिक सर्वेक्षण क्या है?

आम बजट से पहले वित्त मंत्री द्वारा संसद में पेश किए जाने वाली समीक्षा को मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) की अनुपस्थिति में प्रधान आर्थिक सलाहकार और अन्य अधिकारी तैयार कर रहे हैं। परंपरागत रूप से इस दस्तावेज को सीईए की अगुवाई में तैयार किया जाता है। इसे एक प्रकार से केंद्र सरकार का आधिकारिक रिपोर्ट कार्ड भी माना जाता है। सर्वेक्षण देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक रोडमैप देता है और आगे का रास्ता बताता है। आर्थिक सर्वेक्षण वित्तीय वर्ष के दौरान देश भर में वार्षिक आर्थिक विकास का सारांश प्रदान करता है।

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