Mainpuri bypoll: शिवपाल ने कहा उपचुनाव में सपा की ‘बड़ी बढ़त’,परिवार की एकजुटता का नतीजा

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Dec 08, 2022

समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक और पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल सिंह यादव ने मैनपुरी लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में सपा प्रत्याशी डिंपल यादव को बृहस्पतिवार को बेहद मजबूत बढ़त मिलने के बाद सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव की समाधि पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। शिवपाल ने कहा कि परिवार एकजुट होकर लड़ा, इसलिए पार्टी ‘बड़ी जीत’ की ओर अग्रसर है।

मैनपुरी उपचुनाव में सपा उम्मीदवार और अखिलेश की पत्नी डिंपल यादव को एक लाख से ज्यादा मतों से बढ़त मिलने के बाद शिवपाल ने मुलायम सिंह की समाधि पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर संवाददाताओं से बातचीत में शिवपाल ने कहा, “नेताजी (मुलायम सिंह यादव) और समाजवादी सरकार ने मैनपुरी में जो विकास किया है, उसकी वजह से यह ‘बड़ी जीत’ मिली है।

मैनपुरी में आज भी नेताजी का जलवा कायम है।” सपा अध्यक्ष से अपने सभी गिले-शिकवे भुलाकर मैनपुरी उपचुनाव में डिंपल के पक्ष में प्रचार करने वाले शिवपाल ने कहा, “अब जो भी चुनाव होगा, हमारा पूरा परिवार एक होकर ही लड़ेगा। हमारी बहू (डिंपल) एक बड़ी जीत की ओर इसलिए अग्रसर है, क्योंकि पूरा परिवार एक होकर लड़ा।” शिवपाल ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार के निर्देश पर मैनपुरी के अधिकारियों ने सपा कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न किया।

इसे भी पढ़ें: Uttar Pradesh by-election: मैनपुरी में डिंपल यादव को भारी बढ़त, रामपुर और खतौली में भी गठबंधन प्रत्याशी आगे

 उन्होंने कहा कि जनता ने इस चुनौती को स्वीकार करते हुए सपा को रिकॉर्ड वोट दिए। शिवपाल ने कहा, “सपा कार्यकर्ताओं ने प्रशासनिक उत्पीड़न का मुकाबला किया, यही वजह है कि डिंपल को अकेले जसवंतनगर क्षेत्र से एक लाख से अधिक वोटों की बढ़त मिली है। इतने उत्पीड़न के बावजूद पार्टी की जीत हो रही है।

All the updates here:

प्रमुख खबरें

T20 World Cup: England की जीत ने New Zealand का खेल बिगाड़ा, अब Semi-Final के लिए बढ़ा इंतजार।

वोट के लिए मुफ्त की रेवड़ी से कर्जे के अंधकूप में देश

Share Market में हाहाकार के बीच Rupee को भी लगा झटका, Dollar के मुकाबले 17 पैसे फिसला

Bolivian Air Force Plane Crash | नए बैंक नोट ले जा रहा बोलिवियाई एयरफोर्स का प्लेन क्रैश, 15 लोगों की मौत