By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 03, 2026
नयी दिल्ली, तीन सितंबर मैराज अहमद खान 50 साल की उम्र में अब भी एशियाई खेलों के अपने पहले पदक की तलाश में हैं लेकिन यह अनुभवी स्कीट निशानेबाज भारतीय निशानेबाजी के भविष्य को लेकर उत्साहित है और उनका मानना है कि अगले चार वर्षों में ट्रैप, स्कीट, राइफल और पिस्टल में भारत के पास ‘सबसे मजबूत टीम’ होगी। मैराज का मानना है कि भारतीय निशानेबाजी आगे बढ़ रही है। उन्होंने अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए मजबूत रास्ता तैयार करने में खेलो इंडिया जैसे सरकार समर्थित कार्यक्रमों को श्रेय दिया।
आपको उस खास समय में जो करना है उसी पर ध्यान केंद्रित करना होता है।’’ वर्ष 1994 में निशानेबाजी का सफर शुरू करने वाले मैराज रियो ओलंपिक 2016 के लिए क्वालीफाई करने वाले पहले भारतीय स्कीट निशानेबाज बने थे। इसके बाद वह दो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और देश की शॉटगन निशानेबाजी टीम का अहम हिस्सा रहे हैं। यह अनुभवी निशानेबाज यहां डॉ. कर्णी सिंह निशानेबाजी रेंज में पांच अन्य स्कीट और छह ट्रैप निशानेबाजों के साथ प्रशिक्षण ले रहा है।
यह 15 दिवसीय तैयारी शिविर 14 सितंबर तक चलेगा। एशियाई खेलों में शॉटगन स्पर्धाएं 21 सितंबर से जापान के टोयोटा सिटी स्थित आइची प्रीफेक्चुरल जनरल शूटिंग गैलरी में शुरू होंगी। मैराज खेलों से पहले उपलब्ध कराई जा रही सहयोग प्रणाली से खुश हैं जिसमें स्ट्रेंथ एवं अनुकूलन कोच, फिजियोथेरेपिस्ट, विदेशी कोच रिकार्डो फिलिपेली और मुख्य कोच अमरिंदर सिंह चीमा शामिल हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘हम एशियाई खेलों के लिए बहुत अच्छी तैयारी कर रहे हैं। डॉ. कर्णी सिंह रेंज (केएसएसआर) में हमारे शॉटगन शिविर में पूरी टीम मौजूद है।’’ मैराज ने कहा, ‘‘साइ ने हमारे लिए हर चीज की व्यवस्था की है। हमारे पास स्ट्रेंथ एवं अनुकूलन कोच, फिजियो, विदेशी कोच रिकार्डो फिलिपेली, मुख्य कोच अमरिंदर सिंह चीमा और अन्य सभी कर्मचारी यहां मौजूद हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘तैयारी के लिहाज से यह बहुत उपयोगी शिविर है और इंशाअल्लाह, एशियाई खेलों में इसका फायदा मिलेगा।’’ तीन दशक से अधिक समय से शीर्ष स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर रहे मैराज भारतीय निशानेबाजी, खासकर शॉटगन स्पर्धाओं के उज्ज्वल भविष्य को देखते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर शॉटगन की बात करें तो स्कीट और ट्रैप दोनों ने काफी प्रगति की है और आने वाले समय में यह और बेहतर होगा।’’ मैराज ने कहा, ‘‘आने वाले समय में भारतीय टीम के लिए मंच बहुत बड़ा होगा और मेरा मानना है कि अगले चार वर्षों में भारतीय टीम ट्रैप, स्कीट के साथ-साथ राइफल और पिस्टल में भी दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम होगी।