By अभिनय आकाश | Oct 07, 2026
अमेरिकी संसद ने आतंकी हमले को नाकाम करने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मिथ मछार को बहादुर बोलते हुए उनके लिए अपनी संसद में सम्मान प्रस्ताव पारित कर दिया। वहीं दुबई से इजराइल जा रहे प्लेन को क्रैश करने की कोशिश करने वाले जिहादी पायलट पर एक के बाद एक खुलासे हो रहे हैं। हमले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे ही उसके नापाक मंसूबे दुनिया के सामने आ रहे हैं और दुनिया भर में उसकी हरकत को लेकर इतना भयंकर गुस्सा है कि उसे मौत की सजा देने की मांग की जा रही है। कट्टरपंथी पायलट अलमामी इस वक्त यूएई की हिरासत में है। जिस वक्त दुनिया भर के मुस्लिम देश ओमानी पायलट को आतंकी कहने से बच रहे थे तो उस दौरान यूएई ने यह साफ किया था कि वह आतंकी का धर्म देखकर उसे बचाने की कोशिश कतई नहीं करेगा। यूएई ने फ्लाई दुबई विमान में हुई घटना को आधिकारिक तौर पर खतरनाक आतंकवादी कृत बताया था। जबकि सऊदी उसे बचाने की भरपूर कोशिश कर रहा था। लेकिन अब खबर है कि यूएई में उसे मौत की सजा देने की तैयारी शुरू हो गई है और उसे ऐसी सजा मिलेगी सुनकर सभी चौंक जाएंगे।
यहां नौ लोग एक कमरे में दोषी को गोली से मारते हैं। दरअसल यूएई में मौत की सजा का कानूनी तरीका फायरिंग स्क्वाड है। फांसी या सार्विक तौर पर सजा यहां नहीं दी जाती। मौत की सजा पर अमल से पहले अदालतों में अपील की प्रक्रिया पूरी होती है और इसके बाद अमीरात के शासक या संघीय मामलों में यूएई के राष्ट्रपति की लिखित मंजूरी जरूरी होती है। इसके बाद जेल के एक हिस्से में दोषियों को ले जाया जाता है। फायरिंग स्क्वाड में आमतौर पर नौ लोग होते हैं। इन सभी को बंदूक दी जाती है। ज्यादातर बंदूकों में असली गोलियां होती हैं। लेकिन कम से कम एक बंदूक या उससे ज्यादा ऐसी होती है जिसमें गोली नहीं होती। ऐसा इसलिए ताकि जब एक साथ गोली चले तो किसी को यह ना पता चल सके कि आखिर वो गोलियां किसने चलाई जिससे मौत की सजा मिली।