By अनन्या मिश्रा | Jun 25, 2026
भारतीय वायु सेना ने तकनीकी शाखा के भर्ती प्रोसेस में एक अहम बदलाव किया है। अब कैंडिडेट्स का चयन इंजीनियरिंग स्नातक योग्यता एग्जाम यानी GATE स्कोर के आधार पर किया जाएगा। अब इंजीनियरिंग पास कैंडिडेट्स को उनके GATE स्कोर के आधार पर वायु सेना चयन बोर्ड के एग्जाम के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। इस प्रोसेस में कैंडिडेट्स को प्रारंभिक रिटेन एग्जाम नहीं देना होगा। इससे सिलेक्शन आसान और योग्यता पर आधारित होगा।
इस नई योजना के तहत सिर्फ GATE से तकनीकी शाखा में भर्ती नहीं होगी। बल्कि अभी भी सभी शाखाओं के लिए AFCAT परीक्षा लागू रहेगी और इसमें तकनीकी शाखा भी शामिल है। कैंडिडेट्स अपनी सुविधानुसार AFCAT या GATE स्कोर में से किसी भी एक तरीके से आवेदन कर सकते हैं। वहीं GATE विषयों की पूरी जानकारी ऑफिशियल वेबसाइट पर मौजूद है।
AFCAT भारतीय वायु सेना की यह एक सामान्य प्रवेश परीक्षा है। इसके जरिए कैंडिडेट्स की भर्ती फ्लाइंग ब्रांच और ग्राउंड ड्यूटी (टेक्निकल और नॉन-टेक्निकल) आदि पदों के लिए किया जाता है। यह एग्जाम ऑनलाइन होता है। इसमें सामान्य ज्ञान, रीजनिंग, अंग्रेजी, न्यूमेरिकल एबिलिटी और मिलिट्री एप्टीट्यूड जैसे सब्जेक्ट शामिल होते हैं। AFCAT क्वालिफाई करने के बाद कैंडिडेट्स को AFSB इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है। जिसके बाद ही लास्ट सिलेक्शन होता है।
यह एक राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है, इसको विज्ञान स्नातक और इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स देते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य M.Tech/PhD में एडमिशन और PSU नौकरियां के लिए योग्यता जांचना होता है। भारतीय वायु सेना ने तकनीकी शाखा में भर्ती के लिए भी इसके स्कोर को मान्य किया है। इसमें कैंडिडेट्स का चयन उसके GATE स्कोर के आधार पर AFSB इंटरव्यू के लिए किया जाता है। इसमें कैंडिडेट्स को AFCAT लिखित परीक्षा देने की जरूरत नहीं होती है।