पाकिस्तान में बड़ी कंपनियां बंद? जिहाद ने बनाया 'भिखारी'!

By अभिनय आकाश | Jun 17, 2026

पाकिस्तान इस समय अपने इतिहास के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि अब पानी सिर के ऊपर बहने लगा है। देश पर इस समय करीब 4.8 अरब डॉलर का विदेशी कर्ज चुकाने का भारी दबाव है। लेकिन कर चुकाना तो दूर अब दुनिया के बड़े-बड़े निवेशकों का भरोसा भी पाकिस्तान से पूरी तरह से उठ चुका है। नतीजा यह है कि विदेशी निवेश यानी एफडीआई तेजी से पतालोक में जा रहा है। कई बड़ी देसी और विदेशी कंपनियां पाक छोड़कर जा रही हैं। जानकार इस स्थिति के लिए उसकी विकास की जगह जिहादी सोच वाली पॉलिसी को दोष दे रहे हैं। 

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डॉलर की कमी के कारण अब देश में तेल और बिजली का भयंकर संकट पैदा हो गया है। हालात इतने बद से बदतर हो चुके हैं कि सरकार को बिजली बचाने के लिए स्कूल बंद करने पड़ रहे हैं और दफ्तरों में काम के दिन घटाने पड़ रहे हैं। लेबर फोर्स सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि देश में बेरोजगारी दर बढ़कर करीब 7% तक जा पहुंचा है। पाकिस्तान के ऊपर कर्ज का बोझ कितना है? इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि वित्त वर्ष 2025 के आखिर तक देश का कुल सरकारी कर्ज बढ़कर करीब 80.52 ट्रिलियन रुपए हो गया है। वहीं बाहरी कर्ज भी 138 अरब डॉलर के पार जा पहुंचा है। यह कर्ज अब पाकिस्तान की कुल जीडीपी के करीब 70% के बराबर है। आर्थिक जानकारों का साफ कहना है कि अगर पाकिस्तान ने समय रहते अपनी आदतें सुधारी होती और कट्टरवाद, आतंकवाद या जिहादी सोच को पनपने नहीं देता और उसकी जगह विकास और आर्थिक सुधारों पर ध्यान दिया होता तो आज वो कंगाली की कगार पर नहीं खड़ा होता। आज दुनिया में उसकी छवि एक भिखारी देश जैसी नहीं बनी होती।

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