By Ankit Jaiswal | Apr 18, 2026
जब ओलंपिक स्तर के खिलाड़ी खुलकर सामने आते हैं, तो मामला अपने आप ही गंभीर हो जाता है। हाल ही में भाला फेंक के स्टार खिलाड़ी नीरज चोपड़ा और पैरालंपिक चैंपियन सुमित अंतिल समेत कई खिलाड़ियों ने कोच नवल सिंह पर मानसिक उत्पीड़न और आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल के आरोप लगाए हैं।
सुमित अंतिल ने इस पूरे मामले पर खुलकर अपनी बात रखते हुए कहा कि उन्होंने कई बार कोच को समझाने की कोशिश की, लेकिन हालात में कोई सुधार नहीं हुआ। गौरतलब है कि उन्होंने आरोप लगाया कि कोच कथित तौर पर नशे की हालत में आपत्तिजनक ऑडियो संदेश भेजते हैं और खिलाड़ियों के साथ-साथ उनके परिवारों के खिलाफ भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं।
बताया जा रहा है कि खिलाड़ियों द्वारा भेजे गए ईमेल और ऑडियो रिकॉर्डिंग में ऐसे कई उदाहरण सामने आए हैं, जिनमें खिलाड़ियों के साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया है। इसमें नवदीप सिंह और अरशद नदीम जैसे नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि सुमित अंतिल ने अपने लिखित शिकायत पत्र में यह भी कहा है कि कोच का व्यवहार न केवल अपमानजनक है बल्कि इससे खिलाड़ियों के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा की भावना पर भी असर पड़ा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई बार कोच प्रशिक्षण के दौरान नशे में दिखाई दिए, जिससे माहौल असुरक्षित हो गया।
इस मामले में नीरज चोपड़ा ने भी सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि इस तरह का व्यवहार खेल की गरिमा के खिलाफ है और इस पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि किसी भी खिलाड़ी या उसके परिवार के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल पूरी तरह अस्वीकार्य है और इससे पूरे खेल तंत्र की छवि खराब होती है।
इसी तरह अर्जुन पुरस्कार विजेता संदीप चौधरी और अन्य खिलाड़ियों ने भी शिकायत का समर्थन किया है और कहा है कि उन्होंने भी इस तरह के व्यवहार का सामना किया है। मौजूद जानकारी के अनुसार, यह मामला अब कई खिलाड़ियों की साझा चिंता बन चुका है।
हालांकि, खिलाड़ियों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। सुमित अंतिल ने सवाल उठाया है कि जब शीर्ष खिलाड़ी ही इस स्थिति से जूझ रहे हैं, तो युवा खिलाड़ियों के सामने हालात और भी कठिन हो सकते हैं।