By अंकित सिंह | Sep 08, 2026
ऐसा लगता है कि हॉकी इंडिया ने भारतीय हॉकी टीमों के लिए केसरिया रंग को मुख्य रंग बनाने के अपने विवादित फ़ैसले को बदल दिया है। अब जापान में होने वाले एशियाई खेलों में पुरुष और महिला, दोनों टीमें अपनी पारंपरिक नीली जर्सी में खेलेंगी। यह फ़ैसला नीदरलैंड और बेल्जियम में हुए FIH हॉकी वर्ल्ड कप में केसरिया किट के चर्चा का विषय बनने के कुछ हफ़्तों बाद आया है। टूर्नामेंट से पहले, हॉकी इंडिया ने अपनी लंबे समय से चली आ रही नीली जर्सी को बदलकर केसरिया रंग अपना लिया था। उन्होंने नीले रंग के मैदान पर साफ़ न दिखने की तकनीकी वजह का हवाला दिया था।
हॉकी इंडिया ने 27 जुलाई को इस बदलाव का ऐलान किया था और कहा था कि यह फ़ैसला खिलाड़ियों और कोचों से मिली राय के आधार पर लिया गया है। फ़ेडरेशन के मुताबिक, नीले टर्फ़ पर नीली जर्सी पहनने से मैदान पर साफ़-साफ़ देखने में दिक्कत हो सकती है, जबकि पीले और नारंगी रंग अच्छे विकल्प हो सकते थे।
आख़िरकार केसरिया रंग को चुना गया क्योंकि यह भारतीय राष्ट्रीय ध्वज से जुड़ा है।
हालांकि, यह फ़ैसला जल्द ही विवादों में घिर गया। परगट सिंह, धनराज पिल्लै, अजीत पाल सिंह और विरेन रासकिन्हा जैसे भारत के पूर्व कप्तानों ने उस रंग को छोड़ने के फ़ैसले पर सवाल उठाए, जो लंबे समय से भारतीय हॉकी की पहचान रहा था। यह बहस तब और तेज़ हो गई जब हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने एक इंटरनल कम्युनिकेशन के ज़रिए बताया कि इस बदलाव के बारे में उनसे कोई सलाह-मशविरा नहीं किया गया था। टिर्की ने साफ़ किया कि उन्हें केसरिया रंग से कोई दिक़्क़त नहीं है, बल्कि उन्हें इस बात पर आपत्ति है कि यह फ़ैसला फ़ेडरेशन की चुनी हुई लीडरशिप और एग्ज़ीक्यूटिव बोर्ड के सामने रखे बिना ही ले लिया गया।
For more Sports News in Hindi Today please click here.