पुलवामा के बाद अब LoC पर बैट हमले में मेजर शहीद, 4 जवान जख्मी

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Feb 16, 2019

जम्मू। कश्मीर के पुलवामा में हुए हमले को अभी पूरे दो दिन भी नहीं बीते थे कि राजौरी के नौशहरा में आतंकियों ने एक और हमले को अंजाम दिया है। इसे बैट हमला कहा जा रहा है जिसमें एलओसी को पार कर भारतीय क्षेत्र में आईईडी दबा कर किया गया। हमले में सेना के अधिकारी मेजर शहीद हो गए तो दो जवान भी जख्मी हो गए। दो अन्य जवान पाक सैनिकों की गोलीबारी के कारण भी जख्मी हो गए। इस बार नौशहरा के लाम झंगड़ सब एरिया में आईईडी ब्लास्ट किया गया है। 

इसे भी पढ़ें: पुलवामा हमले के बाद अब राजौरी सेक्टर में हुआ IED ब्लॉस्ट, सेना का अधिकारी शहीद

सेना के प्रवक्ता के बकौल राजौरी में एलओसी के सेना के अफसर बम डिफ्यूज करने की कोशिश कर रहे थे तभी यह ब्लास्ट हुआ। ये बम आतंकियों द्वारा प्लांट किए गए थे। राजौरी जिले के नौशहरा सेक्टर में एलओसी से करीब 1.5 किलोमीटर अंदर यह धमाका हुआ। आईईडी ब्लास्ट के साथ ही बाबा खौड़ी इलाके में सैनिकों पर पाक सेना द्वारा की जाने वाली गोलीबारी में दो अन्य जवान भी जख्मी हो गए। 

कौन है पाकिस्तान की खूनी टुकड़ी बैट?

बैट अर्थात बार्डर एक्शन टीम कह लिजिए या फिर बार्डर रेडर्स, एलओसी पर छापामार युद्ध में माहिर है। ये पाकिस्तान सेना की स्पेशल सर्विस ग्रुप के साथ काम करती है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई इसे सूचनाएं मुहैया करवाती है। बैट एलओसी या सीमा पर दुश्मन के इलाके में एक से तीन किमी अंदर जाकर हमले करती है। चार हफ्ते हवाई युद्ध के साथ ही इनकी कुल टेªनिंग करीब 8 महीनों की होती है। इस टीम का मकसद सीमा पार जाकर छोटे छोटे हमलों को अंजाम देकर दुश्मन में दहशत फैलाना है। हमलों के दौरान बैट इनाम के तौर पर दुश्मन के सिपाहियों का सिर काट कर अपने साथ ले जाती है।

इसे भी पढ़ें: पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड कश्मीर में? दावा- सुरक्षाबलों के घेरे में हैं

भारतीय सीमा में पाकिस्तानी बैट टीम की बर्बरता की कुछ दर्दनाक कथाएं:- 

-एक मई 2017 को कृष्णा घाटी में भारतीय सेना की पेट्रोलिंग टीम पर हमला किया गया। दो जवान शहीद हुए। नायब सूबेदार परमजीत सिंह और हेड कांस्टेबल प्रेम सागर के शवों को क्षत-विक्षप्त किया गया।

-22 नवम्बर 2016 को मच्छेल सेक्टर में बैट के हमले में 3 भारतीय जवान शहीद हुए और एक जवान का सिर काट लिया गया और सिर को वह अपने साथ ले गई।

-28 अक्तूबर 2016 को एलओसी पर बीएसएफ के सिपाही मनदीप के शव के साथ बर्बरता की गई और फिर वही घटनाक्रम दोहराया गया।

-8 जनवरी 2013 को पुंछ में एलओसी के पास लांसनायक हेमराज सिंह तथा सुधाकर सिंह की हत्या की गई। बैट टीम हेमराज का सिर काट का अपने साथ ले गई।

-30 जुलाई 2011 को कुपवाड़ा की गुलदार चोटी पर बैट का हमला हुआ, 6 जवान शहीद हो गए। हमलावर बैट टीम हवलदार जयपाल सिंह तथा देवेंदर सिंह के सिर काट कर अपने साथ ले गई।

-जून 2008 को 2/8 गोरखा राइफल के जवान को केल सेक्टर में पकड़ा और उसका सिर काट कर साथ ले गई।

-मई व जून 1999 को करगिल में तैनात कैप्टन सौरभ कालिया व उनके 5 साथियों को बंदी बनाया गया था।  करीब 22 दिनों तक जवानों को यातनाएं दी गईं और बाद में क्षत-विक्षप्त शवों को भारतीय इलाके में फैंक दिया। 

प्रमुख खबरें

US Visa Rules: H-1B और L-1 वीजा एक्सटेंशन पर अब देना होगा भारी शुल्क, Indian IT कंपनियों की बढ़ी टेंशन

ताइवान में Chinese Intelligence का बड़ा खुलासा, लाखों नागरिकों का Personal Data लीक कर रही थी बीजिंग की जासूसी एजेंसी

Uttarakhand में Green Energy की नई क्रांति, CM Dhami की MSSY Scheme से 3500 युवाओं को मिला Jobs

Monsoon Driving Tips: बारिश में फॉग हटाने का सही तरीका, हर ड्राइवर को पता होनी चाहिए ये ट्रिक